दीपावली पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश
देशभर के परिवारजनों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं एवं सरहद पर जवानों संग त्योहार मनाने की अटूट परंपरा
दीपावली का पावन अवसर और पीएम का संदेश
प्रकाश और उल्लास के सबसे बड़े पर्व दीपावली के शुभ अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना “परिवारजन” संबोधित करते हुए इस पावन पर्व पर सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल एक औपचारिक शुभकामना नहीं है, बल्कि यह देश के हर नागरिक के साथ उनके आत्मीय जुड़ाव को दर्शाता है। अपने संदेश में उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दीपावली का यह पावन पर्व केवल दीयों का प्रज्वलन मात्र नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत प्रतीक है।
जवानों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा
वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही नरेंद्र मोदी ने दीपावली का त्योहार देश के वीर जवानों के बीच मनाने की एक नई और अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी। इस वर्ष भी उन्होंने अपनी इस वार्षिक परंपरा को जारी रखते हुए अग्रिम मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों (थल सेना, वायु सेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल) के जवानों के साथ दीपावली मनाई।
प्रधानमंत्री का मानना है कि जब पूरा देश अपने घरों में दीये जलाकर परिवार के साथ त्योहार मना रहा होता है, तब हमारे जाबांज़ सैनिक विषम परिस्थितियों में सीमाओं पर तैनात रहकर देश की सुरक्षा में डटे रहते हैं। इसलिए, वे खुद को सैनिकों का परिवार मानते हैं और उनके बीच जाकर मिठाइयां बांटते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक दीपावली यात्राएं (2014 से वर्तमान)
| वर्ष | स्थान / क्षेत्र | प्रमुख विवरण एवं महत्व |
|---|---|---|
| 2014 | सियाचिन ग्लेशियर | विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र में सैनिकों के साथ पहली दीपावली। |
| 2015 | पंजाब (1965 युद्ध क्षेत्र) | 1965 के युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर सीमांत क्षेत्रों का दौरा। |
| 2017 | गुरेज घाटी, जम्मू-कश्मीर | नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट तैनात जवानों संग उत्सव। |
| 2019 | राजौरी, जम्मू-कश्मीर | एलओसी के अग्रिम मोर्चे पर जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई। |
| 2021 | नौशेरा, जम्मू-कश्मीर | नौशेरा के वीरों की शहादत और अदम्य साहस को नमन किया। |
| 2023 | लेप्चा, हिमाचल प्रदेश | दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन। |
| 2024-2026 | अग्रिम सीमावर्ती क्षेत्र / बस्तर एवं अग्रिम मोर्चे | नक्सल प्रभावित एवं सीमांत क्षेत्रों में तैनात जवानों के साथ दीपोत्सव। |
‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर
दीपावली के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से देशवासियों से ‘Vocal for Local’ (स्थानीय उत्पादों के लिए मुखर बनें) के मंत्र को अपनाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने आग्रह किया कि त्यौहारों के इस मौसम में खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों, छोटे विक्रेताओं, मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों और स्वदेशी उद्योगों से बने उत्पादों को ही प्राथमिकता दें।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: जब हम किसी स्थानीय कुम्हार से दीया या किसी स्थानीय दुकान से सजावटी सामान खरीदते हैं, तो उसका सीधा लाभ उस गरीब या मध्यमवर्गीय परिवार को मिलता है।
- आत्मनिर्भर भारत का आधार: स्वदेशी खरीदारी से घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
- डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन: छोटे दुकानदारों से खरीदारी के दौरान UPI और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग करने का भी आग्रह किया गया।
पंच-दिवसीय दीपावली महोत्सव का सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व
भारतीय संस्कृति में दीपावली केवल एक दिन का त्योहार न होकर पांच दिनों तक चलने वाला एक वृहद सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक उत्सव है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे उत्सव चक्र का उल्लेख करते हुए देशवासियों के लिए सुख और समृद्धि की कामना की:
- धनतेरस (Dhanteras): भगवान धनवंतरी की पूजा और आरोग्य तथा समृद्धि की प्राप्ति का दिन।
- छोटी दीपावली / नरक चतुर्दशी (Choti Diwali): स्वच्छता, सौंदर्य और अज्ञानता रूपी अंधकार के नाश का प्रतीक।
- मुख्य दीपावली एवं लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Puja): माता लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की आराधना के साथ सुख-समृद्धि की कामना का मुख्य दिन।
- गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja): प्रकृति, पर्यावरण और गोधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व।
- भाई दूज (Bhai Dooj): भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का उत्सव।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दीपावली संदेश न केवल पर्व की खुशियां बांटने वाला है, बल्कि यह देश को एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र रक्षा के संकल्प से भी जोड़ता है। सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने से लेकर स्थानीय कारीगरों के आर्थिक उत्थान तक, उनका यह आह्वान हर भारतीय को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनने की प्रेरणा देता है।
दीपावली का यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, नया उत्साह और अखंड राष्ट्रभक्ति का संचार करे, इसी मंगलकामना के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने समूचे देश को दीपोत्सव की शुभकामनाएं समर्पित की हैं।














