दैनिक पंचांग विशेष: आज 8 नवंबर 2026, जानिए दीपावली अमावस्या तिथि, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की चाल
सनातन संस्कृति में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, नए कार्य के शुभारंभ, व्यापारिक बही-खाता पूजन तथा पर्व-त्योहारों की सटीक गणना के लिए पंचांग का अत्यधिक महत्व होता है। आज 8 नवंबर 2026 (रविवार) को कार्तिक मास की बेहद पवित्र और प्रकाश पर्व दीपावली से जुड़ी अमावस्या तिथि का संयोग बन रहा है। इस विशेष अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश के साथ-साथ कुबेर पूजन और प्राचीर परंपराओं के अनुसार विभिन्न सांस्कृतिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। आइए जानते हैं आज के पंचांग के पांचों अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—तथा तमाम शुभ-अशुभ मुहूर्तों का विस्तृत विवरण।
1. मुख्य खगोलीय एवं पंचांग विवरण (Panchang Overview)
| पंचांग अंग | विवरण एवं समय |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083, सिद्धार्थि संवत्सर |
| शक संवत | 1948 (पराभव संवत्सर) |
| अयन एवं ऋतु | दक्षिणायन, शरद ऋतु |
| मास एवं पक्ष | कार्तिक मास (पूर्णिमान्त), आश्विन मास (अमांत), कृष्ण पक्ष |
| वार | रविवार (भानुवासरः) |
| तिथि | अमावस्या तिथि (रात्रि 12:02 बजे तक, तदनंतर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ) |
| नक्षत्र | स्वाति नक्षत्र (संध्या 06:54 तक, उपरांत विशाखा नक्षत्र) |
| योग | आयुष्मान योग (दोपहर 02:33 तक, उसके पश्चात सौभाग्य योग) |
| करण | चतुष्पाद करण (पूर्वाहन 11:27 तक), तदनंतर नाग करण |
| चंद्र राशि | तुला राशि (07 नवंबर सुबह 04:45 से 09 नवंबर दोपहर 2:18 तक) |
2. सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Sunrise & Moon Details)
- सूर्योदय का समय: प्रातः 06:32 बजे
- सूर्यास्त का समय: सायं 05:06 बजे
- चंद्रोदय का समय: प्रातः 05:50 बजे
- चन्द्रास्त का समय: अपराह्न 04:55 बजे
- दिन की कुल अवधि: 10 घंटे 34 मिनट
- रात्रि प्रमाण: 13 घंटे 26 मिनट
3. आज के शुभ मुहूर्त एवं अनुकूल समय (Shubh Muhurat)
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, निवेश, या मांगलिक आयोजन के लिए दिन के इन मुहूर्तों को सबसे उत्तम माना गया है:
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:28 से दोपहर 12:10 तक (यह समय सर्वार्थ सिद्धि और नए कार्यों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है)।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:45 से सुबह 05:39 तक (साधना, ध्यान और अध्ययन के लिए उत्तम)।
- अमृत घटी / अमृत काल: प्रातः 09:32 से प्रातः 11:14 तक।
- प्रदोष काल (विशेष पूजन हेतु): सायं 05:06 से रात्रि 07:30 तक।
4. अशुभ काल एवं वर्जित समय (Ashubh Muhurat / Rahu Kaal)
विशेष सावधानी: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ अवधियों के दौरान किसी भी प्रकार के नए अनुबंध, महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय या यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
- राहुकाल: दोपहर 03:47 से सायं 05:06 तक।
- यमगण्ड काल: पूर्वाह्न 11:49 से दोपहर 01:08 तक।
- गुलिक काल: दोपहर 02:28 से दोपहर 03:47 तक।
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 03:42 से सायं 04:24 तक।
- दिशा शूल: आज रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करने की मनाही है। यदि अत्यंत आवश्यक हो, तो दलिया, घी या पान खाकर घर से प्रस्थान करें।
5. आज का विशेष पर्व एवं सांस्कृतिक महत्व: दीपावली अमावस्या (Deepawali & Amavasya Special)
आज 8 नवंबर 2026 को कार्तिक अमावस्या के पावन पर्व पर देश भर में महालक्ष्मी पूजन, दीपोत्सव और कुबेर पूजन का उल्लास रहेगा। इस दिन से जुड़ी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- दीपावली और दीपान्विता अमावस्या: भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास उपरांत अयोध्या वापसी की खुशी में घरों को दीपों से सजाया जाता है और मां लक्ष्मी-गणेश की आराधना की जाती है।
- शारदा एवं बही-खाता पूजन (चोपड़ा पूजन): विशेष रूप से व्यापारी वर्ग इस दिन अपने नए वित्तीय वर्ष के बही-खाते शुरू करते हैं तथा देवी शारदा व लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
- काली पूजा: पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा के क्षेत्रों में अमावस्या की मध्यरात्रि को मां काली की विशेष आराधना की जाती है, जो अहंकार और नकारात्मकता का नाश करती है।
- कमला जयंती: देवी लक्ष्मी के तांत्रिक स्वरूप महाविद्या ‘कमला’ के प्राकट्य दिवस के रूप में यह तिथि दरिद्रता का नाश करने वाली मानी गई है।












