दीपावली के पावन पर्व पर बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक दौरा
भय और हिंसा के अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए उजाले की ओर अग्रसर बस्तर
देश भर में जब दीपोत्सव का उल्लास चरम पर है और लोग अपने परिवारों के साथ रोशनी का यह पावन पर्व मना रहे हैं, वहीं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हुए देश के प्रहरियों के बीच दीपावली मनाने का निर्णय लिया. इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी का यह विशेष दौरा छत्तीसगढ़ की पावन धरा, विशेषकर बस्तर के अंचल में हुआ है, जो कभी वामपंथी उग्रवाद और हिंसा की काली छाया से ग्रस्त हुआ करता था। बस्तर की धरती पर प्रधानमंत्री का यह आगमन और वहां के वीर जवानों के बीच उनकी आत्मीय उपस्थिति ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में एक नए उत्साह, उमंग और प्रेरणा की लहर दौड़ा दी है।
बस्तर का कायाकल्प: अंधकार से विकास के सूर्योदय तक
कभी जिस बस्तर क्षेत्र का नाम सुनते ही हिंसा, भय, बारूदी सुरंगों और गोलियों की गूंज जहन में आती थी, आज वही बस्तर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर एक नए परिवर्तन की इबारत लिख रहा है। डबल इंजन सरकार के ठोस प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के फलस्वरूप बस्तर अब हिंसा के अंधकार को पीछे छोड़कर विकास के नए उजाले की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। आज बस्तर की फिजाओं में बारूद के धुएं की जगह शिक्षा की अलख, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सड़क-पुल-पुलियों का जाल और स्थानीय युवाओं के हाथों में रोजगार व खेलकूद के अवसर नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के हर एक कोने को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और यहां के नागरिकों को सुरक्षित, समृद्ध तथा गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। पिछले कुछ वर्षों में जिस प्रकार सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीतिक बढ़त बनाई है और विकास कार्यों ने गति पकड़ी है, उसने बस्तर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
वीर जवानों के नाम दीपावली: अदम्य साहस और बलिदान को सलाम
दीपावली का पर्व अपनों के साथ खुशियां बांटने का अवसर होता है, लेकिन देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में तैनात हमारे सुरक्षा बल के जवान अपने घरों से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन वीर जवानों के साथ दीपावली मनाकर यह संदेश दिया है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
बस्तर के जटिल भौगोलिक क्षेत्रों और दूरदराज के कैंपों में तैनात जवानों के बीच प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने उनके मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पित उन रणबांकुरों के त्याग, तपस्या और बलिदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक भावुक क्षण है। जवानों ने भी प्रधानमंत्री के साथ दीपावली की खुशियां साझा करते हुए देश की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
सुरक्षा और विकास का सह-अस्तित्व
छत्तीसगढ़ की जनता के लिए यह दीपावली इस मायनों में भी बेहद खास है क्योंकि राज्य में शांति बहाلی की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बस्तर अंचल में सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ-साथ विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। आदिवासियों का शासन और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है, जो राज्य की डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी सफलता को रेखांकित करता है।
शांति
भयमुक्त वातावरण की स्थापना
विश्वास
प्रशासन और जनता का जुड़ाव
विकास
रोड, स्कूल और अस्पतालों का विस्तार
छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आत्मीय शुभकामनाएं
इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की सवा तीन करोड़ जनता की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं। राज्य की जनता इस बात को लेकर आश्वस्त और गौरवान्वित महसूस करती है कि प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह और आत्मीय लगाव हमेशा से छत्तीसगढ़ को प्राप्त होता रहा है।
राज्य के नेतृत्व ने भी अपनी शुभकामनाओं में इस बात की कामना की है कि प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह, आशीर्वाद और कुशल मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहे, ताकि राज्य प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहे। यह दीपावली छत्तीसगढ़ के लिए केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि बस्तर के स्थायी विकास, शांति और उज्ज्वल भविष्य का नया शंखनाद बन चुकी है।
अंततः, बस्तर की धरती से उठा यह संदेश पूरे देश में गूंज रहा है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और जहां मजबूत नेतृत्व तथा निष्ठावान प्रहरी हों, वहां हर अंधकार को चीरकर विकास का नया सूर्योदय अवश्य होता है।













