रायगढ़ जिले में जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में साले ने अपने जीजा पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से इलाज के दौरान जीजा की मौत हो गई। मामले में अदालत ने आरोपी साले को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, 28 अप्रैल 2021 को मेघनाथ राठिया की बेटी बूंद कुंवर और दामाद गणेशराम राठिया शादी में शामिल होने उनके गांव आए थे। शादी में शामिल होने के बाद बूंद कुंवर अपने पति गणेशराम के साथ मायके पहुंची।
इसी दौरान गणेशराम और उसके साले गौरीशंकर राठिया के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। कुछ देर बाद गणेशराम अपनी पत्नी बूंद कुंवर के साथ ससकोबा जाने के लिए साइकिल से निकला। दोनों जुनवानी कुधरीपारा के पास पहुंचे थे, तभी गौरीशंकर पीछे से दौड़ता हुआ वहां पहुंच गया।
गौरीशंकर ने जमीन विवाद को लेकर गणेशराम को जान से मारने की धमकी दी और टांगी से उसके बाएं कनपटी के पास दो बार वार कर दिया। अचानक हुए हमले से गणेशराम और उसकी पत्नी साइकिल से गिर गए। टांगी के वार से गणेशराम गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे इलाज के लिए धरमजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया।
इलाज के दौरान दूसरे दिन हुई मौत
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान अगले दिन गणेशराम की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर तत्कालीन थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
आरोपी को आजीवन कारावास
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। न्यायालय ने गौरीशंकर राठिया को गणेशराम राठिया की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में 1 लाख रुपए विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।













