Advertisement

दुर्ग: शाला प्रवेशोत्सव में पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण






दुर्ग: शाला प्रवेशोत्सव में पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण, बच्चों को सिखाए पहाड़े


छत्तीसगढ़ समाचार

शाला प्रवेशोत्सव: दुर्ग में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों को तिलक लगाकर कराया गृह प्रवेश, स्मार्ट क्लास का किया ऐतिहासिक लोकार्पण

ब्यूरो रिपोर्ट, दुर्ग
| अपडेटेड: जुलाई 1, 2026

दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित ‘शाला प्रवेशोत्सव’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिंदी माध्यम विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित भव्य प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की चौखट पर कदम रखने वाले नवप्रवेशी नन्हे-मुन्ने बच्चों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर, आरती उतारकर और मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। नए सत्र की शुरुआत पर पूरे परिसर को उत्सव के रूप में सजाया गया था, जहां बच्चों के चेहरे पर स्कूल आने की खुशी साफ देखी जा सकती थी।

“शिक्षा की नींव केवल किताबों से नहीं, बल्कि संस्कारों और परिवार के सहयोग से मजबूत होती है। राज्य सरकार हर बच्चे को आधुनिक और विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए संकल्पित है।” – गजेन्द्र यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने सभी छात्र-छात्राओं को नवीन शिक्षा सत्र के सफल संचालन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस खास मौके पर राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश (यूनिफॉर्म), पाठ्यपुस्तकें और जूते वितरित किए गए, जिससे पाकर छात्र बेहद उत्साहित नजर आए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि सत्र के पहले ही दिन राज्य के हर बच्चे के हाथ में किताबें और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

स्मार्ट क्लास का लोकार्पण: आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे सरकारी स्कूल

बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक ‘स्मार्ट क्लास’ का लोकार्पण भी शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। डिजिटल बोर्ड और आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित इस कक्षा का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी का है। छत्तीसगढ़ सरकार अपने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक तकनीक आधारित एवं उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक संसाधनों से लैस यह शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी। विजुअल लर्निंग (देखकर सीखना) के माध्यम से बच्चे कठिन से कठिन विषयों को भी आसानी से समझ सकेंगे, जिससे न केवल उनके सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को सक्षम और प्रतिस्पर्धी बना पाएंगे।

क्लासरूम पहुंचे शिक्षा मंत्री, बच्चों के साथ बैठकर सीखे और सिखाए पहाड़े

कार्यक्रम के दौरान एक बेहद आत्मीय और सहज दृश्य तब देखने को मिला, जब शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव प्रोटोकॉल छोड़कर सीधे स्कूल की कक्षाओं के भीतर पहुंच गए। वे बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर उनकी ही बेंच पर बैठ गए, जिससे छात्र-छात्राएं बेहद प्रफुल्लित हुए। शिक्षा मंत्री ने बच्चों से बहुत ही दोस्ताना अंदाज में बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।

कक्षा में संवाद के दौरान उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता को परखने के लिए उनसे गणित के पहाड़े सुने। इसके बाद उन्होंने खुद ब्लैकबोर्ड और खेल-खेल के सरल तथा रोचक तरीकों से बच्चों को कठिन पहाड़े याद रखने की अनूठी ट्रिक सिखाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई को कभी भी बोझ या तनाव न समझें, बल्कि इसे एक आनंददायक यात्रा की तरह लें। जब आप किसी विषय को रुचि लेकर पढ़ेंगे, तो वह हमेशा के लिए आपके मस्तिष्क में अंकित हो जाएगा।

अभिभावकों से सीधा संवाद: परिवार को बताया पहली पाठशाला

शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के माता-पिता और अभिभावक उपस्थित थे। शिक्षा मंत्री ने उनसे सीधा संवाद स्थापित करते हुए बच्चों के भविष्य निर्माण में उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की नियमित पढ़ाई पर ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति बनी रहे।

उन्होंने गृह परिवेश के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी बालक या बालिका की पहली पाठशाला उनका अपना परिवार होता है। माता-पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। स्कूल में मिलने वाले ज्ञान को सही दिशा तभी मिलती है, जब घर पर अभिभावकों का सकारात्मक सहयोग और स्नेहपूर्ण वातावरण मिले। अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता ही बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा और संबल प्रदान करती है।

बेटियों और शिक्षकों से चर्चा: संस्कार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर जोर

आदर्श कन्या शाला और जेआरडी विद्यालय में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षिकाओं से विशेष तौर पर मुलाकात की। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं और उनके मन में चल रहे सवालों का बेहद संजीदगी से समाधान किया। संवाद के दौरान उन्होंने छात्राओं से उनके जीवन के लक्ष्यों, सपनों और भविष्य की आकांक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बेटियों को जीवन में सफलता के मूलमंत्र देते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही:

  • संस्कारयुक्त शिक्षा: किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, बड़ों के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का होना अनिवार्य है।
  • आत्मविश्वास की शक्ति: विपरीत परिस्थितियों में भी खुद पर भरोसा रखना ही आपको दूसरों से अलग और सफल बनाता है।
  • अनुशासन और कड़ी मेहनत: लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर उसे अनुशासित जीवन और निरंतर परिश्रम से साधा जाए, तो उसे हासिल किया जा सकता है।
  • व्यक्तित्व विकास: खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और डिबेट जैसी पाठ्येतर गतिविधियों में भाग लेकर अपने भीतर के संकोच को दूर करें।

विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए शिक्षा मंत्री ने प्राचार्यों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र के निर्माता हैं, इसलिए वे बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और तराशें। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से आह्वान किया कि वे पूरी लगन, अटूट अनुशासन और दृढ़ आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करें और सफलता के शिखर पर पहुंचकर अपने परिवार, समाज सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम देश-दुनिया में गौरवान्वित करें।

प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क

सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का एकमात्र डिजिटल ठिकाना। छत्तीसगढ़ की हर प्रशासनिक, राजनीतिक और जमीनी हलचल पर हमारी पैनी नजर।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM