पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया में ऐतिहासिक समझौता: AI और डेटा से चमकेगा ‘अतुल्य भारत’






भारत के पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया के बीच ऐतिहासिक समझौता

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राष्ट्रीय / तकनीकी और पर्यटन

पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया में ऐतिहासिक डिजिटल समझौता: एआई और डेटा एनालिटिक्स से चमकेगा ‘इंक्रेडिबल इंडिया’

स्थान: नई दिल्ली |
दिनांक: 01/07/2026 |
विशेष रिपोर्ट: नेशनल डेस्क

भारत सरकार के केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और दुनिया की अग्रणी सॉफ्टवेयर व तकनीकी दिग्गज कंपनी गूगल इंडिया (Google India) ने देश के पर्यटन क्षेत्रों को वैश्विक मानचित्र पर एक नई ऊंचाई देने के लिए हाथ मिलाया है। आधुनिक डिजिटल तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा-संचालित गहन विश्लेषण और व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम की मदद से भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को मजबूत करने के लिए दोनों पक्षों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।

यह समझौता ज्ञापन नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति में आदान-प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर व वाइस प्रेसिडेंट प्रीति लोबाना सहित दोनों संगठनों के कई शीर्ष प्रतिनिधि उपस्थित थे। यह साझेदारी भारत सरकार के ‘इंक्रेडिबल इंडिया’ (अतुल्य भारत) अभियान के तहत प्रौद्योगिकी के नेतृत्व में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक कदम माना जा रहा है।

साझेदारी का मुख्य उद्देश्य और विजन

इस अनूठी साझेदारी का मुख्य लक्ष्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रकार के पर्यटकों के बीच भारत के सांस्कृतिक विरासत स्थलों, प्राकृतिक सुंदरताओं और अनदेखे यात्रा गंतव्यों की दृश्यता (Visibility) को बढ़ाना है। गूगल की मजबूत और विश्वव्यापी डिजिटल पारिस्थितिकी प्रणाली (Digital Ecosystem) का लाभ उठाकर भारतीय पर्यटन की वैश्विक पहुंच में सुधार किया जाएगा।

समझौते के अनुसार, गूगल अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और वैश्विक पहुंच के माध्यम से भारतीय पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा। इसके तहत इमर्सिव डिजिटल अनुभव (Immersive Experiences) तैयार किए जाएंगे, जिससे दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की भव्यता को डिजिटल रूप से साक्षात महसूस कर सकेगा। यह न केवल पर्यटकों के जुड़ाव को बढ़ाएगा बल्कि भारत को एक आधुनिक, सुलभ और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा।

“डिजिटल तकनीकों में ऐसे अभूतपूर्व अनुभव पैदा करने की असीम क्षमता है जो पूरी दुनिया के दर्शकों के सामने भारत के सांस्कृतिक स्थलों की महिमा और भव्यता को प्रदर्शित कर सकते हैं। गूगल इंडिया के साथ यह सहयोग ‘इंक्रेडिबल इंडिया’ पहल के तहत पर्यटन प्रोत्साहन के लिए अभिनव और प्रौद्योगिकी संचालित दृष्टिकोण अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह साझेदारी भारत की वैश्विक पर्यटन उपस्थिति को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी और वैश्विक स्तर पर हमारे डिजिटल आउटरीच में सुधार करेगी।”
— गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

साझेदारी के तीन मुख्य स्तंभ (Key Pillars)

पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया के बीच हुआ यह समझौता मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण स्तंभों पर केंद्रित है, जो भारतीय पर्यटन उद्योग के बुनियादी ढांचे को डिजिटल रूप से बदलने का कार्य करेंगे:

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1. डेटा-आधारित अंतर्दृष्टि और वैश्विक रुझान (Data-Driven Insights)

इस साझेदारी के तहत, गूगल पर्यटन मंत्रालय को उन्नत डैशबोर्ड और एनालिटिक्स टूल प्रदान करेगा। इन उपकरणों के माध्यम से वैश्विक यात्रा प्रवृत्तियों (Global Travel Trends), पर्यटकों के व्यवहार और डिजिटल जुड़ाव के पैटर्न से संबंधित डेटा-संचालित गहन अंतर्दृष्टि प्राप्त होगी। इस रीयल-टाइम डेटा का उपयोग करके पर्यटन मंत्रालय साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) रणनीतियाँ और लक्षित प्रचार अभियान तैयार कर सकेगा। इससे मंत्रालय को यह समझने में मदद मिलेगी कि दुनिया भर के पर्यटक किस तरह के भारतीय स्थलों को खोज रहे हैं और उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं।

2. डिजिटल खोज और नेविगेशन को मजबूत करना (Digital Discovery)

भारत दुनिया के सबसे पसंदीदा पर्यटन देशों में से एक है, लेकिन इसकी सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता का एक बड़ा हिस्सा अभी भी डिजिटल रूप से पूरी तरह से खोजा जाना बाकी है। इस कमी को दूर करने के लिए गूगल मैप्स (Google Maps) और यूट्यूब (YouTube) का बड़े पैमाने पर एकीकरण किया जाएगा। ‘इंक्रेडिबल इंडिया’ मोबाइल ऐप को गूगल मैप्स के साथ एकीकृत किया जाएगा ताकि पर्यटकों को निर्बाध नेविगेशन और गंतव्य खोज की सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, यूट्यूब की मदद से मंत्रालय वैश्विक दर्शकों तक पहुँचने के लिए प्रामाणिक, उच्च-गुणवत्ता वाली वीडियो सामग्री (Content Creation) का निर्माण और वितरण करेगा।

3. क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम (Capacity Building)

तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए मानव संसाधन का कुशल होना अनिवार्य है। इसी सोच के साथ इस एमओयू में पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों और हितधारकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। गूगल के विशेषज्ञ मंत्रालय के अधिकारियों को डिजिटल मार्केटिंग टूल्स, कैंपेन ऑप्टिमाइज़ेशन, आधुनिक कंटेंट क्रिएशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती हुई तकनीकों पर व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य एक ऐसी आंतरिक टीम तैयार करना है जो अधिक लक्षित, प्रभावी और मापने योग्य आउटरीच अभियान चला सके।

एमओयू की प्रमुख विशेषताएं एक नजर में:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग: पर्यटन स्थलों की स्मार्ट मैपिंग और यात्रियों को व्यक्तिगत (Personalized) सुझाव देने के लिए एआई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
  • इमर्सिव टूरिज्म: वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) के माध्यम से यूज़र्स को घर बैठे भारत के धरोहर स्थलों का आभासी दौरा कराया जाएगा।
  • गूगल मैप्स और यूट्यूब एकीकरण: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए मार्ग खोज को आसान बनाना और ‘अतुल्य भारत’ चैनल को अनुकूलित करना।
  • डेटा-संचालित नीतियां: वैश्विक यात्रा प्रवृत्तियों के आधार पर पर्यटन रणनीतियों और अभियानों का निर्धारण।
  • कौशल विकास: पर्यटन विभाग के अधिकारियों को वैश्विक डिजिटल विपणन मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना।

भारतीय पर्यटन अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन मंत्रालय का किसी वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनी के साथ यह पहला व्यापक और बड़े पैमाने का समन्वय है। यह साझेदारी भारत के पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है। डिजिटल खोज में सुधार होने से न केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को बेहतर किया जा सकेगा, बल्कि देश के सुदूर और अनदेखे ग्रामीण व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों (Eco-Tourism & Rural Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा।

जब स्थानीय पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर डिजिटल दृश्यता मिलती है, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, आतिथ्य सत्कार (Hospitality) और रोजगार सृजन पर पड़ता है। यह साझेदारी प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन और भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत के अनुरूप एक बेहतर नीतिगत सुधार और सरल डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम है।

सहयोग की रणनीतिक रूपरेखा और भूमिकाएं

कार्यक्षेत्र (Focus Area) पर्यटन मंत्रालय की भूमिका गूगल इंडिया (Google India) का सहयोग
रणनीतिक अभियान नीति निर्माण, सांस्कृतिक इनपुट और प्राथमिकताओं का निर्धारण। वैश्विक यात्रा रुझान, डेटा डैशबोर्ड और ट्रेंड एनालिसिस प्रदान करना।
यूज़र एंगेजमेंट ‘इंक्रेडिबल इंडिया’ ऐप और आधिकारिक कंटेंट का स्वामित्व। गूगल मैप्स इंटीग्रेशन, यूट्यूब ऑप्टिमाइज़ेशन और एआई-संचालित सर्च टूल्स।
कौशल संवर्धन अधिकारियों और जमीनी ऑपरेटरों की भागीदारी सुनिश्चित करना। डिजिटल मार्केटिंग, एआई टूल्स और कैंपेन मैनेजमेंट पर तकनीकी प्रशिक्षण।

गूगल इंडिया का दृष्टिकोण

समझौते पर बात करते हुए गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गूगल अपनी तकनीक के माध्यम से भारत की इस अनमोल विरासत को दुनिया के सामने अधिक आकर्षक और सुलभ रूप में प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग केवल तकनीकी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में पर्यटन के माध्यम से योगदान देने का एक साझा संकल्प है।

कुल मिलाकर, पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया के बीच हुआ यह समझौता ज्ञापन भारत के पर्यटन क्षेत्र में ‘सुधारों से भरे एक नए युग का उद्घोष’ है। पारंपरिक विज्ञापन तकनीकों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-संचालित विश्लेषण को अपनाना यह साबित करता है कि भारत आने वाले समय में वैश्विक पर्यटन बाजार का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। तकनीक और संस्कृति के इस अनूठे समागम से निश्चित रूप से भारत की छवि एक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम वैश्विक यात्रा गंतव्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी।