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आज का पंचांग 10 अगस्त 2026: सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत पर जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और संपूर्ण ज्योतिषीय गणना






आज का पंचांग 10 अगस्त 2026 – सावन सोमवार एवं सोम प्रदोष व्रत संपूर्ण विवरण


आज का पंचांग 10 अगस्त 2026 – सावन सोमवार एवं सोम प्रदोष व्रत

सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म में दैनिक पंचांग (Dainik Panchang) का अत्यधिक महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, नए उपक्रम की शुरुआत, पूजा-पाठ, व्रत और अनुष्ठान के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की सटीक जानकारी होना अनिवार्य माना गया है। आज दिनांक 10 अगस्त 2026 और दिन सोमवार है। सावन मास का यह दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का अत्यंत दुर्लभ एवं पवित्र संयोग है। इस विस्तृत आलेख में आइए जानते हैं आज के संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषीय गणना का पूरा विवरण।

✨ मुख्य पंचांग हाइलाइट्स (Quick Overview)

  • दिनांक: 10 अगस्त 2026
  • वार: सोमवार
  • मास एवं पक्ष: श्रावण मास, कृष्ण पक्ष
  • आज का पर्व: सावन सोमवार व्रत एवं सोम प्रदोष व्रत
  • विशेष संयोग: आर्द्रा नक्षत्र एवं सोम प्रदोष का महायोग

1. पंचांग के पांच प्रमुख अंग (Five Pillars of Panchang)

हिंदू पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बनता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों अंगों की दैनिक स्थिति नीचे सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत है:

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पंचांग अंग विवरण एवं समय
तिथि श्रावण कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 08:00 बजे तक, तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि आरंभ।
वार सोमवार (भगवान शिव को समर्पित पावन दिन)
नक्षत्र आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 12:26 बजे तक, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ।
करण बालव और कौलव करण की स्थिति।
योग सावन प्रदोष व्रत के अनुकूल शुभ योग।

2. सूर्य, चंद्रमा और ग्रह स्थिति

ग्रह-नक्षत्रों की चाल हमारे दैनिक जीवन, मानसिक स्थिति और ऊर्जा को प्रभावित करती है। आज की खगोलीय स्थिति इस प्रकार है:

  • सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान हैं।
  • चंद्रमा राशि: चंद्रमा आज मिथुन राशि में संचार कर रहे हैं।
  • सूर्योदय: प्रातः लगभग 05:45 बजे।
  • सूर्यास्त: सायं लगभग 07:05 बजे।

3. शुभ मुहूर्त एवं लाभकारी समय (Shubh Muhurat)

किसी भी नए कार्य, व्यापार, अनुबंध या मांगलिक आयोजन के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना बेहद फलदायी माना जाता है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। (यह मुहूर्त सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है)।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक।
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:22 बजे से प्रातः 05:04 बजे तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:55 बजे से सायं 07:18 बजे तक।

4. अशुभ समय एवं राहुकाल (Ashubh Muhurat / Rahu Kaal)

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल और अन्य अशुभ मुहूर्तों में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने की मनाही होती है, ताकि बाधाओं से बचा जा सके:

  • राहुकाल (Rahu Kaal): प्रातः 07:27 बजे से प्रातः 09:06 बजे तक। (इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचें)।
  • यमगंड काल: १०:४५ बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।
  • दुष्टमुहूर्त: दोपहर 12:53 बजे से दोपहर 01:46 बजे तक।

5. आज का विशेष पर्व एवं महत्व: सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत

आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी-त्रयोदशी तिथि और सोमवार का अनूठा मिलन हुआ है। सावन का महीना भगवान शिव को अतिप्रिय है, और ऐसे में ‘सोम प्रदोष व्रत’ का होना सोने पर सुहागा माना जाता है। इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हैं, उनके समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

पूजा एवं जलाभिषेक के विशेष नियम

सावन सोमवार और प्रदोष व्रत के अवसर पर शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहता है। रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण, और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना इस दिन अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। प्रदोष काल (संध्या के समय) में शिव जी की पूजा का विशेष विधान है।


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