आज का पंचांग 14 अगस्त 2026: श्रावण शुक्ल द्वितीया पर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और हरियाली तीज की स्थिति
दैनिक पंचांग (Aaj Ka Panchang 14 August 2026): सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, अनुष्ठान या यात्रा की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा है। पंचांग के मुख्य पांच अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इनकी सटीक गणना से हमें दिन के शुभ एवं अशुभ समय का ज्ञान प्राप्त होता है।
आज 14 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार है। आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो शाम को तृतीया तिथि में परिवर्तित होगी। शाम से ही प्रसिद्ध सुहाग पर्व हरियाली तीज की तिथि का आरंभ भी हो रहा है। आज का दिन धन-वैभव की देवी माँ लक्ष्मी की साधना के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, शुभ-अशुभ मुहूर्त और चौघड़िया तालिका।
- तारीख: 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
- शक संवत: 1948 (सिद्धार्थी)
- मास: श्रावण (सावन), शुक्ल पक्ष
- मुख्य तिथि: द्वितीया (सायं 06:46 बजे तक), तत्पश्चात तृतीया
- नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (रात 03:42 बजे तक, 15 अगस्त)
- मुख्य योग: परिघ योग (प्रातः 09:28 तक) तत्पश्चात शिव योग
1. पंचांग के मुख्य घटक (तिथि, नक्षत्र, योग एवं करण)
| घटक | विवरण एवं समय |
|---|---|
| तिथि | श्रावण शुक्ल द्वितीया — सायं 06:46 बजे तक। इसके बाद श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि शुरू होगी। |
| वार | शुक्रवार (माँ लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित) |
| नक्षत्र | पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र — देर रात 03:42 बजे (15 अगस्त) तक। इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रवेश होगा। |
| योग | परिघ योग — प्रातः 09:28 बजे तक। इसके बाद अत्यंत शुभ ‘शिव योग’ आरंभ होगा। |
| करण | बालव करण प्रातः 07:39 तक, इसके बाद कौलव करण सायं 06:46 तक, फिर तैतिल करण रहेगा। |
| सूर्य/चंद्र राशि | सूर्य देव कर्क राशि में और चंद्रमा दिन-रात सिंह राशि में संचार करेंगे। |
2. सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
आज के दिन सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त का समय इस प्रकार रहेगा:
- सूर्योदय: प्रातः 05:50 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:02 बजे
- चंद्रोदय: प्रातः 07:21 बजे
- चंद्रास्त: रात्रि 08:01 बजे
- सूर्य की दिशा/अयन: दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु
3. आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया कोई भी मांगलिक या नया कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है और उसके परिणाम सकारात्मक मिलते हैं। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
| शुभ काल | समय सीमा |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ समय) |
| अमृत काल | रात्रि 09:33 बजे से रात्रि 11:05 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:38 बजे से 03:31 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायं 07:02 बजे से 07:24 बजे तक |
4. आज के अशुभ काल एवं राहुकाल (Ashubh Muhurat & Rahukaal)
शास्त्रों के अनुसार राहुकाल और वर्ज्यम् समय में नए कार्य, व्यापारिक समझौते या लंबी यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
| अशुभ काल | समय सीमा |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (इस समय शुभ कार्य टालें) |
| यमगंड काल | दोपहर 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | प्रातः 08:28 से 09:21 बजे तक एवं दोपहर 12:52 से 01:45 बजे तक |
| वर्ज्यम् | दोपहर 12:19 बजे से 01:51 बजे तक |
5. आज का दिन और रात का चौघड़िया (Today Choghadiya)
यात्रा, खरीदारी और दैनिक व्यवसाय के लिए चौघड़िया मुहूर्त अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
- चर (सामान्य): प्रातः 05:50 से 07:29 बजे तक
- लाभ (उन्नति): प्रातः 07:29 से 09:08 बजे तक
- अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 09:08 से 10:47 बजे तक
- काल (अशुभ): प्रातः 10:47 से दोपहर 12:26 बजे तक
- शुभ (उत्तम): दोपहर 01:45 से 03:24 बजे तक
- रोग / उद्वेग: दोपहर 03:24 से सायं 07:02 बजे तक
रात का चौघड़िया (Night Choghadiya)
- शुभ (उत्तम): सायं 07:02 से रात्रि 08:23 बजे तक
- अमृत (उत्कृष्ट): रात्रि 08:23 से 09:44 बजे तक
- चर (सामान्य): रात्रि 09:44 से 11:05 बजे तक
- लाभ (उन्नति): मध्यरात्रि 12:26 से 01:47 बजे तक (15 अगस्त)
6. धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व: हरियाली तीज और शुक्रवार का संयोग
आज का दिन कई दृष्टिकोणों से बेहद पावन है:
1. हरियाली तीज का प्रारंभ: सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शाम 06:46 बजे से शुरू हो रही है। इसके साथ ही अखंड सौभाग्य के पावन पर्व ‘हरियाली तीज’ की शुरुआत हो जाएगी। सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं ।
2. शुक्रवार का महाउपाय: शुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मी और सौंदर्य व सुख के कारक ग्रह शुक्र का दिन माना जाता है। आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सावन मास का अद्भुत संयोग बनने के कारण माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का विशेष अवसर है।
आज शाम को लक्ष्मी जी के मंदिर में या घर के पूजा स्थल पर एक घी का दीपक जलाएं। देवी लक्ष्मी को लाल गुलाब या कमल का फूल अर्पित करें और सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इसके साथ ही “ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
7. आज का दिशाशूल एवं सावधानी
आज शुक्रवार के दिन **पश्चिम दिशा** में दिशाशूल रहता है। इसलिए आज के दिन पश्चिम दिशा की ओर लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले दही या शक्कर खाकर और भगवान का स्मरण करके निकलें।









