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अदाणी ग्रीन एनर्जी ने रचा इतिहास, 20 GW क्षमता पार करने वाली पहली कंपनी बनी






अदाणी ग्रीन एनर्जी ने रचा इतिहास: 20 गीगावाट क्षमता पार करने वाली देश की पहली कंपनी बनी, मुंबई-दिल्ली जैसी राजधानियों को अकेले रोशन करने का दम



ऐतिहासिक उपलब्धि: अदाणी ग्रीन एनर्जी ने पार किया 20 गीगावाट का आंकड़ा; पूरी तरह नई परियोजनाओं (ग्रीनफील्ड) से मुकाम पाने वाली भारत की पहली कंपनी

नई दिल्ली/अहमदाबाद: भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) कंपनियों में से एक, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने भारतीय स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी की परिचालन (Operational) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अब 20 गीगावाट (20,141.80 मेगावाट) से अधिक हो गई है। इसके साथ ही, एजीईएल पूरी तरह से नई परियोजनाओं (predominantly through greenfield development) के दम पर यह जादुई आंकड़ा हासिल करने वाली देश की पहली स्वच्छ ऊर्जा कंपनी बन गई है।


सालाना 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन

कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एजीईएल का वर्तमान पोर्टफोलियो सालाना 52 अरब यूनिट (Billion Units) से अधिक स्वच्छ और हरित बिजली का उत्पादन करता है। यह विशाल बिजली उत्पादन भारत की कुल वार्षिक बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है।

इस उत्पादन की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह सालाना बिजली उत्पादन अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर को पूरे एक साल तक रोशन करने के लिए पर्याप्त है। वहीं अगर भारत के संदर्भ में बात करें, तो यह देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली आवश्यकताओं को अकेले पूरा कर सकता है।

एक दशक के भीतर शून्य से शिखर का सफर

अदाणी ग्रीन एनर्जी का यह सफर भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में सबसे तेज और सबसे अनुशासित विस्तार योजनाओं में से एक माना जा रहा है। कंपनी ने साल 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में अपना पहला नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट (कमर्शियल सोलर प्लांट) चालू किया था। महज एक दशक के भीतर कंपनी ने शून्य से शुरू करके 20 गीगावाट की परिचालन क्षमता को पार कर लिया है, जो भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेज ग्रीनफील्ड क्षमता वृद्धि है।

चीन के बाहर एक साल में सबसे बड़ी छलांग

वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में रिकॉर्ड 5,051 मेगावाट (5.05 GW) की नई क्षमता जोड़ी है। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक एकल वित्तीय वर्ष में की गई यह सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि है।

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ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तृत वर्गीकरण (Operational Portfolio)

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का वर्तमान 20 गीगावाट से अधिक का परिचालन पोर्टफोलियो न केवल विशाल है, बल्कि इसमें अत्याधुनिक तकनीकों का संतुलन भी देखने को मिलता है। इस पोर्टफोलियो का मुख्य वर्गीकरण इस प्रकार है:

  • सौर ऊर्जा (Solar Capacity): लगभग 14.2 गीगावाट (GW) क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा स्थापित सौर बेस है, जो भारत के कुल उपयोगिता-पैमाने (Utility-scale) के सौर प्रतिष्ठानों का लगभग 14 प्रतिशत है।
  • पवन ऊर्जा (Wind Capacity): लगभग 2.7 गीगावाट (GW) की परिचालन क्षमता।
  • विंड-सोलर हाइब्रिड (Wind-Solar Hybrid): लगभग 3.3 गीगावाट (GW) की क्षमता, जो ग्रिड स्थिरता और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
  • बैटरी स्टोरेज (BESS): कंपनी ने 3.55 गीगावाट-घंटा (GWh) की क्षमता का बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System) भी सफलतापूर्वक चालू किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थान इंस्टॉलेशन माना जा रहा है।

सटीक कार्यान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण: सागर अदाणी

इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर टिप्पणी करते हुए अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के कार्यकारी निदेशक, सागर अदाणी ने कहा:

“20 गीगावाट की क्षमता को पार करना यह दर्शाता है कि एक अनुशासित कार्यान्वयन (disciplined execution) और दीर्घकालिक दृष्टिकोण मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। आज, एजीईएल अपनी कुशल टीम और दीर्घकालिक भागीदारों के साथ मिलकर मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली आवश्यकताओं के बराबर नवीकरणीय बिजली वितरित कर रहा है। यह उपलब्धि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा की ओर भारत के बदलाव (Clean Energy Transition) को गति दे रही है।”

उन्होंने बैटरी स्टोरेज के महत्व पर जोर देते हुए आगे जोड़ा, “जैसे-जैसे भारत के पावर मिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ रही है, विश्वसनीय और चौबीसों घंटे (Round-the-Clock) स्वच्छ बिजली प्रदान करने के लिए बैटरी स्टोरेज केंद्रीय भूमिका में आ रहा है।”

भविष्य का रोडमैप: 2030 तक 50 गीगावाट का महालक्ष्य

20 गीगावाट का आंकड़ा पार करने के बाद भी कंपनी की रफ्तार थमने वाली नहीं है। एजीईएल ने साल 2030 तक 50 गीगावाट (GW) स्वच्छ ऊर्जा क्षमता हासिल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस आगामी रणनीति के तहत, कंपनी वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) के दौरान अपने पोर्टफोलियो में 10 GWh की अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। अगले पांच वर्षों में इस बीईएसएस (BESS) पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 50 GWh करने का लक्ष्य है, जिससे ग्रिड को स्थिर और भरोसेमंद बिजली दी जा सके।

खावड़ा (गुजरात) बनेगा वैश्विक केंद्र

कंपनी के आगामी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु गुजरात के कच्छ में स्थित ‘खावड़ा’ (Khavda) है। यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क आकार ले रहा है, जहां अत्याधुनिक तकनीक और विशाल भौगोलिक क्षेत्र के संयोजन से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को एक नया आयाम मिलेगा।


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