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धमतरी जिले को मिली बड़ी सौगात, शासन ने दी दूसरे एकलव्य आवासीय विद्यालय को मंजूरी






धमतरी जिले को बड़ी सौगात: शासन ने दी दूसरे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की मंजूरी, जनजातीय बच्चों को मिलेगी विश्वस्तरीय शिक्षा


धमतरी के वनांचल में शिक्षा की नई क्रांति: जिले को मिली दूसरे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्वीकृति, आदिम जाति विकास विभाग का बड़ा निर्णय

प्रादेशिक ब्यूरो, धमतरी | अपडेटेड: 01 जुलाई, 2026 | रीडिंग टाइम: 8-10 मिनट

धमतरी। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नए मुकाम पर ले जाने और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के समकक्ष खड़ा करने की दिशा में धमतरी जिले को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जिले में एक नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की स्थापना के लिए आधिकारिक तौर पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस नवीन और आधुनिक संस्थान के प्रारंभ होने से धमतरी जिले के सुदूर, वनांचल और अत्यंत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभावान जनजातीय छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट, आधुनिक और पूर्णतः निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्राप्त करने का अभूतपूर्व अवसर मिलेगा। इस निर्णय के बाद से ही जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हर्ष की लहर दौड़ गई है, और इसे क्षेत्र के सामाजिक-शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

पथर्रीडीह एकलव्य विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने प्रशस्त किया रास्ता

गौरतलब है कि धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के अंतर्गत पथर्रीडीह में पहले से संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय ने अपने शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड और अनुशासित शिक्षण व्यवस्था के बल पर पूरे प्रदेश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। पथर्रीडीह का यह विद्यालय अपनी अत्याधुनिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों, खेलकूद और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों (Co-curricular activities) में लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ मॉडल विद्यालयों की सूची में शीर्ष पर काबिज हो चुका है।

इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन, स्थानीय जनभावनाओं और क्षेत्र की भौगोलिक अनिवार्यताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने यह महसूस किया कि जिले के विकास के लिए एक और ऐसे ही उच्च स्तरीय संस्थान की नितांत आवश्यकता है। शासन द्वारा लिया गया यह नया निर्णय पथर्रीडीह विद्यालय की सफलता और क्षेत्र के आदिवासी बच्चों की असीम सीखने की क्षमता पर मुहर लगाता है।

अत्याधुनिक संसाधनों से लैस होगा नया परिसर: क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

नया एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केवल एक पारंपरिक स्कूल मात्र नहीं होगा, बल्कि इसे 21वीं सदी की आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। वनांचल के बच्चों को महानगरों के बच्चों की तरह ही समान अवसर प्रदान करने के लिए इस संस्थान में निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

  • आधुनिक डिजिटल और स्मार्ट कक्षाएं (Smart Classrooms): पारंपरिक ब्लैकबोर्ड के स्थान पर बच्चों को ऑडियो-विजुअल माध्यमों और इंटरेक्टिव बोर्ड के जरिए कठिन से कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझाया जाएगा।
  • उन्नत विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं: सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और कोडिंग-प्रोग्रामिंग से लैस कंप्यूटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
  • समृद्ध पुस्तकालय (E-Library): राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों, पत्रिकाओं और डिजिटल पाठ्य सामग्रियों से युक्त एक वृहद लाइब्रेरी तैयार की जाएगी, ताकि छात्रों में स्वाध्याय की प्रवृत्ति बढ़े।
  • सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर: चयनित छात्र-छात्राओं के रहने के लिए पूर्णतः सुरक्षित और स्वच्छ छात्रावास, पौष्टिक और संतुलित भोजन की व्यवस्था, आधुनिक गणवेश (यूनिफॉर्म) तथा दैनिक उपयोग की सभी अध्ययन सामग्रियां शासन द्वारा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।

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कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:

“एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह हमारे जनजातीय अंचलों के बच्चों के ऊंचे सपनों को नई उड़ान देने का एक बेहद सशक्त माध्यम है। छत्तीसगढ़ शासन की यह अनूठी पहल दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को देश के बड़े महानगरों के समान ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, वित्तीय सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी वातावरण एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगी।”

“हमारा प्रशासनिक प्रयास रहेगा कि इस नवीन विद्यालय की स्थापना से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं, जैसे भूमि आवंटन और अधोसंरचना निर्माण, निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं ताकि स्थानीय बच्चों को जल्द से जल्द इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो सके। यह संस्थान निश्चित रूप से धमतरी जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और जनजातीय समाज के समग्र सशक्तिकरण में मुख्य भूमिका निभाएगा।”

NEET, JEE और CLAT जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए मिलेगी विशेष कोचिंग

इस नवीन एकलव्य विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता इसका भविष्य-उन्मुख अकादमिक ढांचा होगा। विद्यालय में नियमित स्कूली पाठ्यक्रम और सीबीएसई (CBSE) पैटर्न की पढ़ाई के साथ-साथ कक्षा नौवीं से ही विद्यार्थियों के करियर निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। देश के प्रतिष्ठित तकनीकी, चिकित्सा और कानूनी संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए बच्चों को विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इसके तहत NEET (मेडिकल प्रवेश परीक्षा), JEE (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा), और CLAT (लॉ प्रवेश परीक्षा) जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्कूल परिसर में ही विशेष अकादमिक कोचिंग और अनुभवी विषय-विशेषज्ञों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नियमित करियर काउंसलिंग और मॉक टेस्ट के जरिए विद्यार्थियों के भीतर की झिझक को दूर कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा।

सर्वांगीण विकास: कला, खेल और जीवन कौशल पर भी रहेगा विशेष फोकस

यह संस्थान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) की अवधारणा पर काम करेगा। इसके तहत खेलकूद, पारंपरिक जनजातीय कला, संगीत, संस्कृति, नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) और जीवन कौशल (Life Skills) के विकास के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। परिसर में विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक खेल मैदान, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और योग केंद्र की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है ताकि वनांचल के बच्चों की शारीरिक क्षमताओं को सही दिशा मिल सके।

स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसरों का होगा सृजन

इस वृहद आवासीय विद्यालय परियोजना की स्थापना से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आएगी, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी। विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की आवश्यकता होगी, जिससे धमतरी जिले में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे:

  • अध्यापन कार्य: योग्य और अनुभवी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और भाषा अनुदेशकों के लिए रोजगार के अवसर।
  • छात्रावास एवं प्रशासन: वार्डन, केयरटेकर, प्रशासनिक स्टाफ, और सुरक्षा प्रणालियों के संचालन हेतु स्थानीय युवाओं की नियुक्ति।
  • सहायक सेवाएं: सुरक्षा गार्ड, भोजन व्यवस्था (मेस संचालित करने वाले), रखरखाव कर्मचारी, बागवानी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा।

इससे क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल मिलेगा और सुदूर ग्रामीण अंचलों के सामाजिक-आर्थिक विकास की गति तीव्र होगी।

कलेक्टर ने दिए समयबद्ध कार्य करने के कड़े निर्देश, आदिवासी समाज में आभार की लहर

प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने संबंधित आदिवासी विकास विभाग, राजस्व विभाग और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक लेकर उचित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि विद्यालय भवन के भव्य और सुव्यवस्थित निर्माण के लिए उपयुक्त, सुगम और पर्याप्त शासकीय भूमि का चिन्हांकन तत्काल प्रभाव से किया जाए, जिससे निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए।

धमतरी जिले को मिली इस बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी शैक्षणिक सौगात पर जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण अंचलों के पंच-सरपंचों, वरिष्ठ शिक्षाविदों तथा आदिवासी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। सर्व आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने इस संवेनशील पहल के लिए छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति अपना गहरा आभार प्रकट किया है। प्रबुद्ध जनों का मानना है कि यह विद्यालय आने वाली पीढ़ियों के भाग्य को बदलने वाला और धमतरी के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला साबित होगा।


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