Advertisement

समय-सीमा बैठक: कलेक्टर बी.एस. उइके ने दिए ई-फाईल प्रणाली लागू करने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के निर्देश






समय-सीमा बैठक: कलेक्टर बी.एस. उइके ने दिए ई-फाईल प्रणाली कड़ाई से लागू करने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के निर्देश – प्रदेश खबर


प्रशासनिक गतिविधियां

समय-सीमा बैठक: कलेक्टर बी.एस. उइके ने दिए ई-फाईल प्रणाली कड़ाई से लागू करने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के निर्देश

रिपोर्टर: विशेष संवाददाता, प्रदेश खबर
स्थान: जिला मुख्यालय
दिनांक: 1 जुलाई 2026

जिला मुख्यालय। कलेक्टर बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महत्वपूर्ण समय-सीमा (टीएल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शासन की प्राथमिकताओं और आम जनता से प्राप्त लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर गहन मंथन हुआ। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागों को प्राप्त लंबित प्रकरणों का बारीकी से अध्ययन कर उनका शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

“शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी विभागों में ई-फाईल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो चुकी है। अब किसी भी कार्यालय में प्रत्यक्ष (फिजिकल) रूप से फाइलों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।”
– बी.एस. उइके, कलेक्टर

जल संरक्षण और संचयन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

बदलते मौसम और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर बी.एस. उइके ने जल संरक्षण एवं जल संचयन को एक व्यापक जन आंदोलन के रूप में संचालित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि इसके लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं, चेकडैम और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण, जीर्णोद्धार और मरम्मत का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल स्रोतों को सहेजने के साथ-साथ उनके आसपास व्यापक स्तर पर पौधरोपण भी किया जाए। इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और प्रबुद्ध नागरिकों को जोड़कर जल संकट से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जाए।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

कम वर्षा की आशंका: कृषि विविधीकरण और वैकल्पिक फसलों पर जोर

आगामी समय में संभावित कम वर्षा की स्थिति और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कलेक्टर ने कृषि और संबद्ध विभागों को विशेष कार्ययोजना के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि जिले में जैविक खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जाए और किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय कम पानी की आवश्यकता वाली वैकल्पिक फसलों के चयन के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

बैठक में किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए निम्नलिखित रणनीतियों पर काम करने के निर्देश दिए गए:

  • मत्स्य पालन को बढ़ावा: मत्स्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वे जल संरक्षण के साथ रोजगार सृजन के लिए नए तालाबों और डबरियों के निर्माण को गति दें।
  • सीमांत कृषकों के लिए विशेष योजना: जिन किसानों के पास सीमित भूमि है, उन्हें वैकल्पिक सिंचाई और जल संचयन के लिए कुओं के निर्माण से जोड़ा जाए।
  • शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक का लक्ष्य: किसानों की डिजिटल पहचान और योजनाओं के सुचारू लाभ के लिए शेष बचे सभी कृषकों का एग्रीस्टेक कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने को कहा गया है।
  • उद्यानिकी फसलों को प्राथमिकता: धान की पारंपरिक खेती की तुलना में सब्जी और उद्यानिकी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसान कम पानी के उपयोग से अधिक आर्थिक लाभ अर्जित कर सकें। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर व्यापक जनजागरूकता और किसान प्रेरणा अभियान चलाने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार: नियमितता और बुनियादी सुविधाएं सर्वोपरि

बैठक के दौरान शैक्षणिक सत्र और स्कूली व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि सभी विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। समय पर कक्षाओं का संचालन और पाठ्यक्रम के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय और उत्साहजनक स्वागत किया जाए, ताकि वे स्कूल के वातावरण से सहजता से जुड़ सकें। इसके साथ ही स्कूलों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, चालू शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग (रेमेडियल क्लासेस) की व्यवस्था की जाए और शासन की सभी छात्र-हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।

सीएम हेल्पलाइन 1076: लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर बी.एस. उइके ने विभागवार सीएम हेल्पलाइन 1076 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को दोटूक शब्दों में कहा कि लंबित शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर और पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि केवल कागजी खानापूर्ति या शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर एक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण किया जाए, तथ्यों के आधार पर ठोस कार्रवाई हो और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि का विशेष ध्यान रखा जाए।

ग्रामीण पर्यटन से संवरेगी आजीविका: होमस्टे को मिलेगा बढ़ावा

जिले की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक पटल पर लाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पर्यटन विकास पर विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए बुनियादी अधोसंरचना, स्वच्छता, पुख्ता सुरक्षा, दिशा-सूचक बोर्ड (साइनेज) और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।

पर्यटन को सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:

  1. होमस्टे संचालन का प्रशिक्षण: स्थानीय ग्रामीणों को अपने घरों में होमस्टे संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और प्रशासन द्वारा उन्हें आवश्यक व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
  2. सांस्कृतिक अनुभव: इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति, आतिथ्य और स्थानीय व्यंजनों का वास्तविक अनुभव मिल सकेगा।
  3. महिला और युवा सशक्तिकरण: पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से सीधे तौर पर स्थानीय युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के लिए आजीविका के नए साधन विकसित होंगे।
  4. बाजार संवर्धन: स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाकृतियों और शुद्ध वन उत्पादों को पर्यटन केंद्रों से जोड़कर ग्रामीण बाजारों को नया विस्तार दिया जाएगा।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-सीमा के भीतर सभी निर्णयों का जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि शासन की योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM