छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जंगली सुअर के शिकार के दौरान युवक की गोली लगने से मौत

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जंगली सुअर के शिकार के दौरान युवक की गोली लगने से मौत हो गई। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए खून से सने फर्श की गोबर से लिपाई कर दी। अगले दिन सुबह युवक के परिजनों को डरा-धमकाकर बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया।

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आरोपियों ने युवक के पिता और बड़े भाई को भी बंदूक दिखाकर गोली मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर किया। 20 दिन तक खौफ के साए में रहे परिवार ने कोटवार को आपबीती बताई। जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा। पुलिस ने रविवार को खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार से सूचना मिली थी कि दरमोहली का रहने वाला सरवन सिंह कुशराम (21) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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सूचना मिलने पर पुलिस, एफएसएल टीम और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घर के कमरे में खून के धब्बे मिले, लेकिन शव का अंतिम संस्कार होने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जा सका। जांच के दौरान पहले रिश्तेदारों ने पेट दर्द और खून की उल्टी से मौत होने की बात कही।

बाद में पुलिस की पूछताछ और गवाहों के बयान में खुलासा हुआ कि 27 जून की रात गांव के कुछ लोग जंगल में अवैध रूप से जंगली जानवर का शिकार करने गए थे। इसी दौरान रामायण सिंह कुशराम की ओर से चलाई गई भरमार बंदूक की गोली सरवन सिंह के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रिश्तेदारों को धमकाकर कराया अंतिम संस्कार

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद सभी आरोपियों ने सरवन सिंह के बड़े भाई पवन सिंह और पिता देवशरण को जंगल में बुलाकर माफी मांगी और मामले को छिपाने की कोशिश की। जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपियों ने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी।

डर के कारण उन्होंने अगले दिन शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पुलिस को मौत की गलत वजह बताई। करीब 20 दिन बाद बड़े भाई पवन सिंह ने पूरी घटना ग्राम कोटवार और पुलिस को बताई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।