आज का पंचांग – 23 जुलाई 2026 | गुरु-वार विस्तृत दैनिक पंचांग एवं शुभ मुहूर्त
सनातन संस्कृति और हिन्दू धर्म में दैनिक जीवन के हर महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ, अनुष्ठान और मंगल कार्यों को शुरू करने से पहले पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा रही है। पंचांग के माध्यम से हमें ग्रहों, नक्षत्रों, वार, तिथि, और करण की स्थिति का सटीक ज्ञान प्राप्त होता है, जिससे यह पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ है और कौन सा समय अशुभ या त्यागने योग्य है। आज दिनांक 23 जुलाई 2026 और दिन गुरुवार है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की संपूर्ण और विस्तृत जानकारी विस्तार से।
1. मुख्य खगोलीय एवं पंचांग विवरण (Panchang Overview)
| पंचांग अंग | विवरण / स्थिति |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1948 पराभव |
| मास (पूर्णिमांत / अमान्त) | आषाढ़ माह |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| वार | गुरुवार |
| तिथि | नवमी तिथि प्रातः 07:03 बजे तक, उपरांत दशमी तिथि आरंभ |
| नक्षत्र | विशाखा नक्षत्र अगले दिन तड़के 01:42 बजे (24 जुलाई) तक, उपरांत अनुराधा नक्षत्र |
| योग | शुभ योग सायं 07:20 बजे तक, उपरांत शुक्ल योग |
| करण | कौलव करण प्रातः 07:03 बजे तक, उपरांत तैतिल करण रात्रि 08:05 बजे तक |
| चंद्र राशि | चंद्रमा सायं 07:01 बजे तक तुला राशि में, उपरांत वृश्चिक राशि में प्रवेश |
| सूर्य राशि | कर्क राशि |
| ऋतु | वर्षा ऋतु (सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल) |
2. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
विभिन्न कार्यों के निर्धारण के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आज के दिन सूर्य और चंद्रमा के निकलने तथा अस्त होने का समय निम्नलिखित है:
- सूर्योदय का समय: प्रातः 05:37 बजे
- सूर्यास्त का समय: सायं 07:18 बजे
- चंद्रोदय का समय: दोपहर 02:28 बजे
- चंद्रास्त का समय: रात्रि 12:46 बजे (24 जुलाई)
3. आज के शुभ मुहूर्त एवं श्रेष्ठ योग
यदि आज कोई नया व्यापार, गृह प्रवेश, वाहन खरीदी या अन्य मांगलिक कार्य आरंभ करना हो, तो निम्नलिखित शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाया जा सकता है:
| शुभ मुहूर्त का नाम | समय अवधि |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक |
| रवि योग | पूरे दिन प्रभावी |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:15 बजे से प्रातः 04:56 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:44 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायं 07:18 बजे से सायं 07:38 बजे तक |
| अमृत काल | दोपहर 03:56 बजे से सायं 05:42 बजे तक |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | रात्रि 01:42 बजे (24 जुलाई) से प्रातः 05:38 बजे (24 जुलाई) तक |
4. अशुभ काल एवं राहुकाल (Tears of Inauspicious Time)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ काल के दौरान किसी भी प्रकार के नए या शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 02:10 बजे से दोपहर 03:53 बजे तक
- यमगंड काल: प्रातः 05:37 बजे से प्रातः 07:20 बजे तक
- कुलिक काल: प्रातः 09:02 बजे से पूर्वाह्न 10:45 बजे तक
- दुर्मुहूर्त काल: सायं 07:01 बजे से अगले दिन प्रातः 05:38 बजे तक
5. गुरुवार व्रत और धार्मिक महत्व
आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (सूर्योदय उपरांत) और गुरुवार का संयोग है। सनातन परंपरा में गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस पवित्र दिन पर विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने, सत्यनारायण कथा सुनने तथा पीले रंग की वस्तुओं (जैसे चने की दाल, पीला वस्त्र, हल्दी, बेसन के लड्डू आदि) का दान करने से जीवन में सुख, शांति, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही आज के दिन बन रहे रवि योग के प्रभाव से जातकों के अटके हुए कार्यों को गति मिलेगी और मान-सम्मान में वृद्धि होगी。








