महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाया

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने ओमान से उसके प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए स्पेशल पीएमएलए कोर्ट से फिर से ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कराया है। वारंट जारी होने के बाद प्रत्यर्पण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर भारत के हाई कमीशन को भेज दिए गए हैं।

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ED के विशेष लोक अभियोजक सौरभ पांडे ने बताया कि एजेंसी को सूचना मिली थी कि सौरभ चंद्राकर दुबई में है। इसी आधार पर स्पेशल पीएमएलए कोर्ट से ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया था और प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज दुबई भेजे गए थे।

बाद में जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि सौरभ दुबई छोड़कर ओमान पहुंच गया है। इसके बाद ED ने रायपुर की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में नया आवेदन पेश किया। कोर्ट ने 16-17 जुलाई में दोबारा ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी किया, ताकि ओमान के माध्यम से प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

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हाई कमीशन भेजे गए दस्तावेज

वकील सौरभ पांडे ने बताया कि कोर्ट से वारंट मिलने के बाद प्रत्यर्पण से संबंधित सभी दस्तावेजों पर आवश्यक न्यायिक एंडोर्समेंट कराए गए। इसके बाद सारे दस्तावेज भारत के हाई कमीशन को भेज दिए गए। अब मामला ओमान में संबंधित अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।

ED के अधिकारियों का कहना है कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब प्रत्यर्पण की अगली कार्रवाई दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

क्या होता है ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट?

ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट ऐसा वारंट होता है, जिसकी कोई निर्धारित समय-सीमा नहीं होती। यह तब तक प्रभावी रहता है, जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती या संबंधित अदालत इसे वापस नहीं लेती। विदेश में फरार आरोपियों के मामलों में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखने के लिए ऐसे वारंट का इस्तेमाल किया जाता है।