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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर नेशनल हाईवे पर चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों के स्टंटबाजी पर एसएसपी से एफिडेविट मांगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर नेशनल हाईवे पर चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों के स्टंटबाजी पर एसएसपी से एफिडेविट मांगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने रजनेश सिंह से पूछा है कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। बता दें कि हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद चलती कारों में स्टंट करने और रील बनाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

कार ड्राइवर और युवतियों की तलाश में पुलिस

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस कानून के अनुसार लगातार कार्रवाई कर रही है। यह भी बताया गया कि 4 अगस्त को सामने आए मामले में SSP ने एक्शन लेते हुए संबंधित कार और उसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार चालक और वाहन में सवार युवतियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने SSP से शपथपत्र के साथ मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने केवल कार्रवाई के दावे से संतुष्ट होने के बजाय SSP को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें बताना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर किन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। पूर्व में दिए गए न्यायालय के आदेशों का पालन कैसे सुनिश्चित किया गया और भविष्य में इस तरह की खतरनाक स्टंटबाजी रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।

आज फिर होगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आज (5 अगस्त बुधवार) को तय की है। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई और SSP की ओर से दाखिल किए जाने वाले हलफनामे पर सुनवाई होगी। इससे पहले भी हाईकोर्ट सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी को लेकर कड़ी नाराजगी जता चुका है और पुलिस को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दे चुका है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में कोनी-सेंदरी रोड पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों के रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में युवतियां चलती कार से बाहर निकलकर मोबाइल से वीडियो बनाती नजर आ रही हैं। यह घटना नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक नियमों की खुली अनदेखी मानी जा रही है।

स्टंटबाजी से बढ़ रहा हादसों का खतरा

कोनी-सेंदरी मार्ग शहर का प्रमुख और व्यस्त मार्ग है। इसी रास्ते पर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थान स्थित हैं, जिससे दिनभर वाहनों और छात्रों की आवाजाही रहती है।

ऐसे में चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर रील बनाना न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है, बल्कि वाहन में सवार लोगों और अन्य राहगीरों की जान के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।