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घुनघुटा बांध में NDRF की मॉक ड्रिल: अंबिकापुर में बाढ़ रेस्क्यू, फ्लाइंग फॉक्स और CPR का दिया गया प्रशिक्षण






अंबिकापुर: घुनघुटा बांध में NDRF का मॉक ड्रिल, बाढ़ से बचाव, रेस्क्यू तकनीक व CPR का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण


घुनघुटा बांध में NDRF की संयुक्त मॉक ड्रिल: टापू में फंसे लोगों का रेस्क्यू, फ्लाइंग फॉक्स और सीपीआर का सफल प्रदर्शन

जिले के प्रसिद्ध घुनघुटा बांध में आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने तथा अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ (NDRF) द्वारा वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास 03 वाहिनी बटालियन NDRF, मुण्डली (कटक, ओडिशा) के डिप्टी कमांडर लिटेन विश्वास के मार्गदर्शन एवं सब-इंस्पेक्टर विकास सैनी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

मॉक ड्रिल अभ्यास की प्रमुख बातें:

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  • टापू से रेस्क्यू: जलाशय के बीच बने टापू पर फंसे ग्रामीणों को नाव से सुरक्षित निकालने का जीवंत प्रदर्शन।
  • फ्लाइंग फॉक्स तकनीक: कठिन परिस्थितियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी का प्रदर्शन।
  • घरेलू संसाधनों से बचाव: खाली बोतल, प्लास्टिक के डिब्बों व जरीकैन के उपयोग से तैरने के उपाय बताए गए।
  • जीवन रक्षक CPR प्रशिक्षण: अचानक सांस या हृदय रुकने पर सीपीआर देने की सही विधि का प्रदर्शन।
  • वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: कलेक्टर अजीत वसंत, एसएसपी राजेश अग्रवाल व अपर कलेक्टर सुनील नायक रहे उपस्थित।

टापू में फंसे लोगों का किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

मॉक ड्रिल की शुरुआत बाढ़ की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर की गई। घुनघुटा जलाशय में बने टापू पर फंसे ग्रामीणों की सूचना मिलते ही NDRF व जिला बचाव दल ने तत्काल बोट के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही घायलों को मेडिकल पोस्ट में ले जाकर तत्काल प्राथमिक उपचार देने की पूरी व्यवस्था का अभ्यास किया गया।

घरेलू वस्तुओं से बचाव और CPR का लाइव डिमो

अभ्यास के दौरान NDRF टीम ने बताया कि आपदा के समय यदि आधुनिक उपकरण न हों, तो घरेलू सामान्य वस्तुओं जैसे जरीकैन, खाली बोतलों का उपयोग कर अपनी और दूसरों की जान बचाई जा सकती है। इसके अलावा, मूर्छित अवस्था में पीड़ित को सीपीआर (CPR) देने का व्यावहारिक अभ्यास अधिकारियों, कर्मचारियों, स्काउट-गाइड और ग्रामीणों को कराया गया।

विभिन्न विभागों ने किया आपसी समन्वय का अभ्यास

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त अभ्यास में पुलिस, स्वास्थ्य, वन, जल संसाधन, शिक्षा विभाग, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट-गाइड ने सक्रिय भूमिका निभाई। कलेक्टर अजीत वसंत और डिप्टी कमांडर लिटेन विश्वास ने मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नियमित अभ्यासों से वास्तविक आपदा के समय नुकसान को न्यूनतम करने और तुरंत राहत पहुंचाने में मदद मिलती है।


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