बिलासपुर में यात्रियों की सुरक्षा और सुगम सफर को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर में चलने वाले सभी पेट्रोल, डीजल और ई-रिक्शा में अब क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इसे स्कैन करते ही यात्री को ऑटो चालक, मालिक और किराए पर गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण तुरंत मोबाइल पर मिल जाएगा।
एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन पर एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने यह योजना तैयार की है। इस व्यवस्था से यात्रियों और चालकों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद, दुर्घटना, सामान छूटने या आपातकालीन स्थिति में वाहन और चालक की पहचान तत्काल हो सकेगी।
यातायात पुलिस ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनिवार्य रूप से अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन और बिना क्यूआर कोड वाले वाहनों के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
गुंडागर्दी और मनमानी करने वाले चालकों की होगी पहचान
आमतौर पर ऑटो चालक किराए या किसी भी मामले को लेकर यात्रियों से अभद्रता, गुंडागर्दी और मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। कई बार यह देखने को मिलता है कि यात्रियों से मारपीट कर ड्राइवर फरार हो जाते हैं।
ऑटो की पहचान नहीं होने के कारण यात्री भी उनकी शिकायत नहीं कर पाते थे। वहीं, किराया विवाद या सामान छोड़ने के बाद भी यात्रियों को भटकना पड़ता था। लेकिन, अब क्यू आर कोड से ऑटो चालक की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
क्यूआर कोड लगने के बाद होंगे ये फायदे
- पारदर्शिता और पहचान- क्यूआर कोड स्कैन करते ही ऑटो चालक और वास्तविक मालिक की प्रमाणित जानकारी सामने आ जाएगी।
- पुलिस के पास रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से प्रत्येक चालक और वाहन का पूरा डेटाबेस ट्रैफिक पुलिस के पास सुरक्षित रहेगा।
- महिला चालकों की सुरक्षा- शहर में बड़ी संख्या में महिला चालक भी ऑटो चलाती हैं। देर रात या दूर-दराज के इलाकों में सफर के दौरान आपात स्थिति में लोकेशन ट्रेस करने और त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाने में यह व्यवस्था मददगार होगी।















