Advertisement

सेमरडांड़ आंगनबाड़ी हादसा: निर्माणाधीन छात्रावास के पानी भरे गड्ढे में डूबने से बच्ची की मौत, सहायिका की लापरवाही से इंकार






सेमरडांड़ आंगनबाड़ी हादसा: निर्माणाधीन छात्रावास के पानी भरे गड्ढे में डूबने से बच्ची की मौत, प्रारंभिक जांच में सहायिका की लापरवाही से इंकार


सेमरडांड़ आंगनबाड़ी हादसा: पानी भरे गड्ढे में डूबने से 4 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, 1 बच्चा सुरक्षित; जांच में सहायिका की लापरवाही नहीं

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 अगस्त को सेमरडांड़ आंगनबाड़ी केंद्र के पास एक दुखद हादसा घटित हुआ। आंगनबाड़ी केंद्र के समीप निर्माणाधीन छात्रावास के पीछे बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से साढ़े चार वर्षीय मासूम बच्ची जया की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चे ऋतिक को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं प्रारंभिक जांच एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका की लापरवाही से इंकार किया गया है।

घटनाक्रम एवं जांच के मुख्य बिंदु:

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
  • बैठक के दौरान हादसा: सेक्टर पर्यवेक्षक रूबी कुमारी द्वारा कार्यकर्ताओं की बैठक ली जा रही थी।
  • बच्चों को घर छोड़ना: भोजन के बाद सहायिका शिमला द्वारा 4 बच्चों को उनके घर छोड़ा गया था।
  • तत्काल रेस्क्यू: बच्चों की चिल्लाने की आवाज सुनकर मजदूरों एवं कर्मचारियों ने पानी से निकाला।
  • हादसे की स्थिति: 4 वर्षीय जया की डूबने से मृत्यु, जबकि 8 वर्षीय ऋतिक को सुरक्षित बचाया गया।
  • सीसीटीवी व चश्मदीद साक्ष्य: जांच में सहायिका द्वारा बच्चों को छोड़ने के बाद पुनः घटनास्थल पर ले जाने की पुष्टि नहीं हुई।

भोजन के बाद बच्चों को घर छोड़ने गई थी सहायिका

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अगस्त को सेक्टर पर्यवेक्षक रूबी कुमारी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र सेमरडांड़ में जन्म प्रमाण पत्र आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने हेतु कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। केंद्र में उपस्थित 4 बच्चों—जया (4 वर्ष 10 माह), सरस्वती (7 वर्ष), ऋतिक (8 वर्ष) और संतोषी (5 वर्ष 2 माह) को भोजन कराने के बाद सहायिका शिमला सुबह लगभग 11:15 बजे उनके घर छोड़ने चली गई और तत्पश्चात केंद्र लौट आई।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े कर्मचारी व मजदूर, एक बच्चे की बची जान

दोपहर लगभग 12:55 बजे बैठक कर रहे कर्मचारियों को अचानक बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। सेक्टर पर्यवेक्षक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। निर्माणाधीन छात्रावास में काम कर रहे मजदूर कुलदीप एवं फुलेश्वर ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, मौके पर ही मासूम जया की डूबने से मौत हो चुकी थी, जबकि ऋतिक को सकुशल बचा लिया गया।

6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में भरा था बारिश का पानी, सहायिका को क्लीन चिट

परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आंगनबाड़ी केंद्र के पास निर्माणाधीन छात्रावास के पीछे लगभग 6 से 7 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें लगातार हो रही बारिश की वजह से पानी भर गया था। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और मजदूरों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सहायिका द्वारा बच्चों को घर छोड़ने के बाद वापस लाने या दुर्घटनास्थल पर ले जाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच में सहायिका की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है, वहीं प्रकरण में आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47