छत्तीसगढ़ PDS में भारी गड़बड़ी का आरोप: दीपक बैज बोले- ‘आधे दुकानों में अगस्त का राशन नहीं पहुंचा, अन्य राज्यों में हो रही चावल की तस्करी’
रायपुर, 20 अगस्त 2026: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में राशन की कालाबाजारी, तौल में कटौती और सरकारी अनाज गायब होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भंडारण में भारी कमी के कारण लगभग आधी राशन दुकानों में अगस्त माह का राशन अब तक नहीं पहुंच सका है, जिससे हितग्राही कार्ड लेकर भटकने को मजबूर हैं।
- राशन की जब्ती: बस्तर में 186 क्विंटल PDS चावल-चना और अंबिकापुर में ट्रक से 130 बोरी राशन बरामद।
- कालाबाजारी व तस्करी: छत्तीसगढ़ के PDS का चावल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र भेजा जा रहा है।
- बिना राशन बायोमेट्रिक: दुकानों में बिना सामग्री दिए ही बायोमेट्रिक मशीनों में अंगूठा लगवाया जा रहा है।
- शक्कर व सामग्री की किल्लत: शक्कर किसी दुकान में नहीं मिल रही, बस्तर-सरगुजा में चना और गुड़ का आवंटन बंद।
- डिजिटल सिस्टम पर सवाल: e-PoS ऐप में स्टॉक के विकल्प छिपाए जा रहे हैं, अन्नपूर्णा ग्रेन ATM का दावा कागजी।
विभिन्न जिलों में गड़बड़ी के मामले आए सामने
दीपक बैज ने जिलों के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि हाल ही में बस्तर में गोदाम से सीधे ट्रक में लोड किया जा रहा 186 क्विंटल पीडीएस चावल (378 बोरी) और चना जब्त किया गया। अंबिकापुर में उपभोक्ताओं की शिकायत पर एक ट्रक से 130 बोरी सरकारी राशन पकड़ा गया। वहीं रायगढ़ के बेलादुला, जुर्डा और पंडरीपानी की दुकानों में चावल, गेहूं व नमक की शॉर्टेज उजागर हुई है। इसके अलावा कोरबा, सरगुजा और बलरामपुर जिलों में भी PDS अनाज के अवैध लेन-देन और चावल गायब होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
सत्ता के संरक्षण में अंतराज्यीय तस्करी का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ ऑटोमैटिक ‘अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम’ और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए पारदर्शी वितरण का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। दुकानों में बिना राशन दिए ही उपभोक्ताओं के अंगूठे लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में छत्तीसगढ़ के गरीबों के हक का राशन खुले बाजार में बिक रहा है और इसकी तस्करी पड़ोसी राज्यों—आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक की जा रही है।
सॉफ्टवेयर में विकल्प छिपाने और सोशल ऑडिट न कराने का दावा
दीपक बैज ने कहा कि ऑनलाइन e-PoS सॉफ्टवेयर और ऐप में स्टॉक व उपलब्ध सामग्री के विकल्प छिपाए जा रहे हैं, ताकि पारदर्शिता न बनी रहे। बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल व ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चना और गुड़ का आवंटन बाधित है। उन्होंने मांग की कि दुकानों में स्टॉक और वितरण के आंकड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और सोशल ऑडिट शुरू की जाए, जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके।












