Advertisement

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कांग्रेस का हमला: सुरेंद्र वर्मा बोले- गलत नीतियों और खनन से बढ़ रहे हमले | CG News






मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कांग्रेस का हमला: सुरेंद्र वर्मा बोले- गलत नीतियों और खनन के चलते सिमट रहे जंगल, बढ़ रही मौते


मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कांग्रेस का तीखा हमला: सुरेंद्र वर्मा बोले- ‘सरकार की नीतियों के कारण सिमट रहे जंगल, इंसान और बेजुबान दोनों गंवा रहे जान’

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने राज्य में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए भाजपा सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और खनिजों के असंतुलित दोहन से जंगली जानवरों का प्राकृतिक रहवास सिमट रहा है, जिससे बेजुबान जानवर रिहायशी इलाकों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
हालिया घटनाएं एवं आंकड़े:

  • परलकोट (पखांजूर): बाघ के हमले से एक ग्रामीण की मौत।
  • सूरजपुर (प्रतापपुर): सरहरी बाजार से लौट रहे 48 वर्षीय ग्रामीण को हाथी ने कुचलकर मारा।
  • कांकेर (मरकाटोला): भालू के हमले में 3 लोगों की जान गई; भालू की भी मौत।
  • मानवीय क्षति: ढाई वर्ष की अवधि में जंगली जानवरों के हमले से 230 से अधिक मौतें, हजारों घायल।
  • वन्यजीव क्षति: इसी अवधि में 9 बाघ, 38 हाथी सहित कुल 562 जंगली जानवरों की अस्वाभाविक मौत दर्ज।

जंगलों की कटाई और खनन से छिन रहा प्राकृतिक आवास

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बस्तर, सरगुजा और हसदेव अरण्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कॉर्पोरेट मित्रों के फायदे के लिए पेड़ों की कटाई और खनन परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक आवास नष्ट होने और भोजन-पानी की कमी के कारण वन्यजीव गांवों और खेतों की तरफ आ रहे हैं, जिससे फसलों का भारी नुकसान हो रहा है और जान-माल की हानि बढ़ रही है।

संसाधनों की लूट में जुटी सरकार, पर्यावरण गंभीर संकट में

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता में केवल संसाधनों की लूट है। सरकार को न तो इंसानों की चिंता है और न ही वन्यजीवों की। सत्ता के संरक्षण में इंसानी दखल बढ़ने से पर्यावरण गंभीर संकट में है। यदि सरकार ने हसदेव अरण्य और अन्य क्षेत्रों में वनों की कटाई एवं असंतुलित दोहन पर तत्काल रोक नहीं लगाई, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति और अधिक भयावह हो जाएगी।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47