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पेपर लीक मामला: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में B.Sc. परीक्षा पेपर लीक का आरोप, वंदना राजपूत ने निष्पक्ष जांच की मांग की


कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का मामला: वंदना राजपूत ने सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना, उच्चस्तरीय जांच की मांग

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में B.Sc. द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (Entomology) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने की खबर सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि साल भर मेहनत करने वाले हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

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मामले के प्रमुख बिंदु एवं कांग्रेस की मांगें:

  • लीक हुआ विषय: B.Sc. द्वितीय वर्ष का एंटोमोलॉजी (Entomology) विषय का प्रश्नपत्र।
  • छात्रों के भविष्य पर असर: कड़ी मेहनत करने वाले हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़।
  • उच्चस्तरीय जांच: निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग।
  • पुष्टि पर री-एग्जाम का निर्णय: पेपर लीक की पुष्टि होने पर छात्रों के हित में उचित फैसला लेने का आग्रह।

मेहनत करने वाले छात्रों को न भुगतनी पड़े लापरवाही की कीमत

वंदना राजपूत ने कहा कि पूरे देश में युवा पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ में भाजपा के राज में एक और पेपर लीक का कारनामा सामने आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष ईमानदारी और कड़ी मेहनत से पढ़ाई की है। किसी भी प्रशासनिक लापरवाही या भ्रष्टाचार की कीमत निर्दोष छात्रों को नहीं चुकानी चाहिए। यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत छात्रों के हित में न्यायसंगत निर्णय लेना चाहिए।

विश्वविद्यालय प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर करे सख्त कार्रवाई

कांग्रेस प्रवक्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन से जिम्मेदार तंत्र या अधिकारी शामिल हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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