छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण की कुल्हाड़ी के पासा (पिछले हिस्से) से सिर पर वार कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने ग्रामीण पर खेत में लगे बोर में पत्थर डालने का आरोप लगाया था। आरोपी ने वारदात के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मृतक समुंदर राठिया के भतीजे नरेश राठिया ने 9 अगस्त 2021 को थाना में सूचना दी थी। उसने बताया कि बस्तीपारा निवासी तेल सिंह राठिया (45) का खेत उसके चाचा समुंदर राठिया के खेत से लगा हुआ है। तेल सिंह के खेत में लगे बोर में किसी ने पत्थर डाल दिया था। आरोपी ने इसका आरोप समुंदर राठिया पर लगाया।
इसे लेकर वह उसके घर के पास गाली-गलौज कर रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी दौरान समुंदर राठिया उसके सामने आ गया। उसे देखते ही तेल सिंह गुस्से में आ गया और अपने पास रखी टांगी के पासा से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। गंभीर चोट लगने से समुंदर राठिया बेहोश होकर गिर गया।
घटना के बाद परिजन समुंदर राठिया को इलाज के लिए घरघोड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद नरेश राठिया ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी एडमोन खेस के नेतृत्व में जांच शुरू की। आरोपी तेल सिंह राठिया के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
आरोपी को आजीवन कारावास
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। कोर्ट ने साक्षियों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी तेल सिंह राठिया को समुंदर राठिया की हत्या का दोषी ठहराया।
कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 1 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
मृतक के आश्रितों को 1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से क्षतिपूर्ति के रूप में 1 लाख रुपए दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।













