ऋषि पंचमी के मौके पर महाराष्ट्र से आईं हजारों श्रद्धालु महिलाओं ने अमरकंटक में मां नर्मदा के रामघाट पर आस्था की डुबकी लगाई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सोन नदी के उद्गम स्थल सोनमुड़ा में भी स्थानीय लोगों ने स्नान किया।
नागपुर, भंडारा, अमरावती, नासिक और पुणे समेत महाराष्ट्र के कई जिलों से महिलाएं अमरकंटक पहुंचीं। महिलाओं ने सुबह से पूजा-पाठ किया और नर्मदा के पवित्र जल में स्नान किया।
नर्मदा किनारे बनाया मिट्टी का शिवलिंग
धार्मिक परंपरा के अनुसार महिलाओं ने पारंपरिक कपड़े पहनकर नर्मदा किनारे मिट्टी का शिवलिंग बनाया। इसके बाद बेलपत्र और फूल चढ़ाकर पूजा की। महिलाओं ने पत्तियों और अनाज से भगवान गणेश की मूर्तियां भी बनाईं और उनकी पूजा-अर्चना कर आरती की।
ऋषि पंचमी पर स्नान का खास महत्व
अमरकंटक जैसी पवित्र जगह पर भाद्रपद शुक्ल पंचमी के दिन नर्मदा में स्नान का खास धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु ऋषियों को याद कर पूजा-अर्चना करते हैं और नर्मदा में स्नान करते हैं।
14 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंचे
पिछले तीन-चार सालों से महाराष्ट्र से श्रद्धालु ऋषि पंचमी पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। इस साल भी करीब 14 से 15 हजार श्रद्धालु सैकड़ों गाड़ियों से मां नर्मदा के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी धार्मिक नगरी भक्ति और उत्साह से भर गई।













