साल 1973 के आसपास का समय था। फिल्म ‘नमक हराम’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर एक गाना फिल्माया जा रहा था। सेट पर हिंदी सिनेमा के दो बड़े एक्टर अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना मौजूद थे, लेकिन शूटिंग के बीच दोनों टेलीफोन पर बात करने में व्यस्त हो गए।
डायरेक्टर को यह बात पता चली तो उन्होंने कहा- “अच्छा! अभी मैं दोनों को देखता हूं।” इसके बाद उन्होंने दोनों को बुलाया, सामने बैठाया और डांटते हुए कहा- “तुम यहां काम करने आए हो या फोन करने के लिए?”
इसके बाद डायरेक्टर ने चौकीदार को बुलाया और स्टूडियो का गेट बंद करवा दिया। साफ कह दिया गया कि जब तक गाने की शूटिंग पूरी नहीं होगी, कोई बाहर नहीं जाएगा।
रात करीब साढ़े 12 बजे तक गाने की शूटिंग चलती रही। न कोई बाहर गया और न ही किसी को अंदर आने दिया गया।















