चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद बस्तर में राहत कार्यों की तेज रफ्तार: जिला प्रशासन ने 8,197 पीड़ितों के खातों में अंतरित किए ₹25.72 करोड़
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और उफनती नदियों से जनजीवन हुआ था अस्त-व्यस्त
विगत 23 से 26 सितंबर 2026 के मध्य बस्तर जिले में हुई अतिवृष्टि ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के साथ-साथ ओडिशा स्थित खातीगुड़ा और मुरान बांध के गेट खोले जाने के कारण इंद्रावती, शबरी और स्थानीय नाले उफान पर आ गए थे। इसके परिणामस्वरूप निचले इलाकों, बस्तियों और ग्रामीण अंचलों में भीषण जलभराव हो गया था, जिससे हजार से अधिक आशियाने क्षतिग्रस्त हुए और कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी।
कमिश्नर व कलेक्टर की सतत निगरानी में मुस्तैद रहा राजस्व अमला
आपदा की विभीषिका को देखते हुए राज्य शासन की संवेदनशीलता के अनुरूप कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के तत्परतापूर्ण प्रयासों से राहत और पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिन-रात धरातल पर डटकर क्षति सर्वेक्षण (Loss Assessment) का कार्य पूर्ण किया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के कड़े प्रावधानों का पालन करते हुए राहत राशि सीधे हितग्राहियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है।
09 अक्टूबर 2026 तक की गई वित्तीय सहायता का विस्तृत ब्यौरा
जिला प्रशासन द्वारा 09 अक्टूबर 2026 तक संकलित आंकड़ों के अनुसार, कुल 8,197 स्वीकृत प्रकरणों में ₹25,72,98,860 की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसका मद-वार विवरण नीचे प्रस्तुत है:
| क्र. | क्षति/आपदा का प्रकार | स्वीकृत प्रकरण | अंतरित राहत राशि (रुपये में) |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकान (1,823 मकान) | 1,823 | ₹23,34,00,000 |
| 2 | आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान (3,123 मकान) | 3,123 | ₹1,47,66,000 |
| 3 | बर्तन एवं घरेलू सामग्री का नुकसान | 3,237 | ₹80,92,500 |
| 4 | मानव हानि (अनुग्रह राशि – 2 व्यक्ति) | 2 | ₹8,00,000 |
| 5 | पशुहानि (5 मामले) | 5 | ₹1,71,000 |
| 6 | फसल नुकसान (7 मामले) | 7 | ₹69,360 |
| – | कुल योग (Total) | 8,197 | ₹25,72,98,860 |
निःशुल्क बांस और बल्ली का वितरण
वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य शासन के निर्देशानुसार वन विभाग के माध्यम से उन सभी परिवारों को निःशुल्क बांस और बल्ली उपलब्ध कराई जा रही है, जिनके मकान पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे प्रभावित परिवार फौरी तौर पर अपने अस्थायी आशियानों की तत्काल मरम्मत कर पा रहे हैं।
प्रशासन का संकल्प: “अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी राहत”
— श्री डोमन सिंह, कमिश्नर (बस्तर संभाग)
बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शेष बचे प्रकरणों का निपटारा भी समयबद्ध सीमा में किया जाए, ताकि आपदा से प्रभावित ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
Ashish Sinha
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