छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में करंट लगने से पिता और बेटे की मौत हो गई। नेहरू चौक स्थित घर की बालकनी की लोहे की ग्रिल में करंट फैल गया था।
सुबह नींद से जागने के बाद कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता (45) बालकनी में पहुंचे और ग्रिल को छूते ही करंट की चपेट में आ गए। वे ग्रिल से चिपक गए।
पिता को बचाने के लिए उनका 24 साल का बेटा ओम गुप्ता भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों को बचाने पहुंचीं राकेश की पत्नी वर्षा गुप्ता (45) को भी बिजली का झटका लगा और वह दूर जा गिरीं।
आसपास के लोगों की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने राकेश और ओम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, वर्षा गुप्ता की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के पास से 11 हजार केवी का हाईटेंशन तार गुजरा है।
आशंका है कि इसी तार से निकली चिंगारी लोहे की ग्रिल तक पहुंची, जिससे उसमें करंट फैल गया। हालांकि, शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई गई है। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
ग्रिल में पहले से फैला था करंट
जानकारी के मुताबिक, राकेश गुप्ता (45), पिता पुरुषोत्तम लाल गुप्ता, शुक्रवार सुबह रोज की तरह नींद से जागे थे। इसके बाद वे घर की बालकनी में गए।
इसी दौरान उन्होंने वहां लगी लोहे की ग्रिल को हाथ लगाया। ग्रिल में करंट फैला हुआ था, जिसके कारण वे बिजली के झटके की चपेट में आ गए और उससे चिपक गए।
पिता को ग्रिल से चिपका देखकर उनका बेटा ओम गुप्ता (24) उन्हें बचाने के लिए दौड़ा। उसने पिता को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गया। देखते ही देखते परिवार के दो सदस्य बिजली के संपर्क में आ गए।













