बिलासपुर में महासमुंद फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में सरकंडा टीआई प्रदीप आर्य पर कार्रवाई की गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, आदेश में कार्रवाई की वजह प्रशासनिक बताई गई है। उनकी जगह नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बतादें कि, एक प्रॉपर्टी डीलर की बर्थडे पार्टी के दौरान जज की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
ये है पूरा मामला
दरअसल, कोर्ट के जज के खिलाफ केस दर्ज करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना और मामले के सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी होता है।
हालांकि, उस समय एसएसपी रजनेश सिंह छुट्टी पर थे। उनके लौटने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा। इसके बाद टीआई प्रदीप आर्य को लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया गया।
जिम्मेदार अफसरों ने बनाई दूरी, टीआई पर आई कार्रवाई की आंच
बताया जा रहा है कि शनिवार रात हुए विवाद के बाद महासमुंद फैमिली कोर्ट के जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने अपनी पत्नी और साले के साथ मारपीट करने वाले प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, दूसरी तरफ से अभय बरुआ के दोस्त ने भी पुलिस में शिकायत की थी।
एसएसपी ने टीआई को किया लाइन अटैच
बताया जा रहा है कि जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद न्यायिक अधिकारियों ने इसे बड़ी लापरवाही माना। नियमों के खिलाफ केस दर्ज करने का मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया। हालांकि, एसएसपी रजनेश सिंह के छुट्टी पर होने के कारण इस मामले में कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
बताते हैं कि न्यायिक अधिकारियों की नाराजगी के बाद एसएसपी ने टीआई प्रदीप आर्य को लाइन अटैच कर दिया। हालांकि, जारी आदेश में उन्हें हटाने की वजह प्रशासनिक बताई गई है।
पहले भी विवादों में रहे हैं टीआई चौहान
टीआई नरेश चौहान इससे पहले जिले के रतनपुर, सीपत और कोटा जैसे महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सीपत थाने में उनकी पोस्टिंग के दौरान पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत का मामला सामने आया था।
दरअसल, ग्राम मोहरा में आबकारी एक्ट के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में सेंट्रल जेल में उसकी मौत हो गई थी। यह मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

















