मैनपाट के हाथी प्रभावित सौ परिवारों को दिया जा रहा संरक्षण एवं मदद

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// सरगुजा जिले में हाथी-मानव द्वंद्व को रोकने वन विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इसी कड़ी में मैनपाट के हाथी प्रभावित क्षेत्र बरडांड, चोरकीपानी, कण्डराजा में प्रतिदिन लगभग 100 परिवारों को संरक्षण दिया गया है एवं उनके खाने की भी व्यवस्था की गई है। जिनके घर आंशिक रूप से टूट गये हैं उनके लिये तालपत्री, कम्बल, चावल, सब्जी आदि का भी वितरण वन विभाग द्वारा किया गया है।
इस सब कार्य के लिये 02 गजराज वाहन एवं 02 छोटे वाहन वनपाल के नेतृत्व में जिसमें कुल 11 सदस्य होते है लगातार वन क्षेत्र के समीप के गांव में भ्रमणकर प्रचार-प्रसार करते रहते हैं। पिछले 09 माह में सरगुजा वनमण्डल में 8 करोड़ 66 लाख 8 हजार रूपये क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई है जिसमें 23 लाख 27 हजार 399 रूपये फसल क्षति के रूप में तथा 86 लाख 50 हजार 603 रूपये मकान क्षति के रूप में शामिल है।
वन मण्लाधिकारी पंकज कमल ने बताया है कि सरगुजा वनमण्डल का मैनपाट परिक्षेत्र पिछले कई वर्षो से हाथी मानव द्वंद्व प्रबंधन की समस्या से जूझ रहा है। समय एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा हाथी-मानव द्वंद्व रोकने के नये-नये प्रयोग किये जाते है जिसके तहत मैनपाट वनपरिक्षेत्र में वतर्मान में लगभग 15 किलो मीटर लम्बी चलित विकर्षण बैरिकेट लगाई गई है। इसी प्रकार बरडांड गांव को चारों तरफ से बैरिकेटिंग के घेर कर हाथियों से सुरक्षित कर लिया गया है।
जहां कही भी हाथियों का विचरण होता है उन ग्रामों में उनकी सूचना पहले से ही दे दी जाती है और गांव के बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों एवं एकान्त में रहने वाले घरों के लोगों को सायं 04-05 बजे के आस-पास सुरक्षित स्थानों जैसे आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालय में ठहराया जाता है। इन प्रागणों की बैरिकेटिंग भी की गई है। वन प्रबंधनसमितियों गांव के कोटवार सचिव सरपंच की भी मदद ली जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।









