
अम्बिकापुर : जिला स्तरीय राज्योत्सव में कलाकारों ने बिखेरी मनमोहक रंग
अम्बिकापुर : जिला स्तरीय राज्योत्सव में कलाकारों ने बिखेरी मनमोहक रंग
विकास प्रदर्शनी बना आकर्षण का केन्द्र
अम्बिकापुर 1 नवंबर 2021राज्य स्थापना दिवस पर कलाकेंद्र मैदान अम्बिकापुर में 1 नवंबर 2021 को जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल के मुख्य आतिथ्य तथा छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर चिरमिरी के महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल, पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव, कलेक्टर संजीव कुमार झा, पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों के द्वारा सरगुजिया लोक संस्कृति तथा बाहर से आये कई मशहूर कलाकारों के द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इसके साथ ही करीब 28 विभागों द्वारा आकर्षक विकास प्रदर्शनी लगाई गई थी जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद बने। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरण तथा कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला विकास पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक डॉ विनय जायसवाल ने कहा कि विगत तीन वर्षां से छत्तीसगढ की जनता की अपेक्षा अनुरूप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए सोपान की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ राज्य अब 21 वर्ष का हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ियापन के वाहक है। उनके द्वारा ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कोरोना महामारी से निपटने राज्य शासन द्वारा बेहतर प्रबंधन किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में भी लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित करने के संकल्प की दिशा में नए आयाम स्थापित किया जा रहा है। राज्यगीत की शुरूआत हो या राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के जरिए आदिवासी लोक संस्कृति की पहचान देश-विदेश तक पहुंचानी हो या राम वन गमन पर्यटन परिपथ के माध्यम से पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित करने का कार्य हो।
छत्तीसगढ खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में छत्तीसगढ का क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ा हुआ था। पृथक छत्तीसगढ की मांग के लेकर लंबे समय तक संघर्ष चला। छत्तीसगढ राज्य बनने के बाद प्रदेश के विकास में गति आई और विगत 3 वर्षों में इस गति में और तेजी आई है। प्रदेश में खाद्यान्न की पहुंच सुव्यवस्थित करने की जिम्मेदारी का निर्वहन मेरे द्वारा किया जा रहा है। मध्यान्ह भोजन, रेडी-टू-ईट आदि की मॉनिटरिंग कर पारदर्शिता पूर्वक संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इनके द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों- जिला स्तरीय राज्योत्सव का सांस्कृतिक कार्यक्रम अपरान्ह 04ः45 बजे से प्रारंभ हुआ जो रात्रि करीब 10 बजे तक चला। सांस्कतिक कार्यक्रमो में आदिवासी नृत्य महोत्सव के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेता, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, उर्सूलाईन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अम्बिका मिशन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुष्पेन्द्र नर्सिंग कॉलेज तथा राधाकृष्ण, गणेश वंदना, छत्तीसगढ़ लोक गीत-संगीत, सोल सेकर्स डांस टेलेन्ट, सांई भजन, गजल, मयुर नृत्य, कठपुतली नृत्य, छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी गानों की प्रस्तुतियां मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।











