
ऑनलाइन टोकन और समर्थन मूल्य से खुश किसान, मोतीपुर के पंचबाबू सिंह ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की
अंबिकापुर के ग्राम पंचायत मोतीपुर के प्रगतिशील किसान पंचबाबू सिंह ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को किसान हितैषी बताया। घर बैठे टोकन, समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों को मिल रही सुविधा।
अंबिकापुर, 31 जनवरी 2026/सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत मोतीपुर के प्रगतिशील किसान पंचबाबू सिंह ने शासन द्वारा लागू ऑनलाइन टोकन व्यवस्था एवं समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रणाली की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, सरल और किसान हितैषी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।

घर बैठे मिला ऑनलाइन टोकन
धान खरीदी केंद्र पहुंचे किसान पंचबाबू सिंह ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अब टोकन कटवाने के लिए समिति या केंद्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। इस वर्ष वे लगभग 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए खरीदी केंद्र पहुंचे हैं।
समर्थन मूल्य से संवर रहा किसान का जीवन
पंचबाबू सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष धान का अच्छा मूल्य मिलने से वे अपने भाई का विवाह संपन्न करा पाए। इस वर्ष भी धान विक्रय से प्राप्त आय से वे बोर खनन सहित अन्य आवश्यक पारिवारिक कार्य पूर्ण करने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य की राशि सीधे बैंक खाते में जमा होने से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और भविष्य की योजनाएं बनाना आसान हुआ है।
धान खरीदी व्यवस्था पर जताया शासन का आभार
धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था, समय पर भुगतान और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिल रहे लाभ पर संतोष व्यक्त करते हुए किसान पंचबाबू सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहतर हैं और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
किसानों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं
जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छांव, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे जिले के किसान सहजता और संतोष के साथ अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं।











