छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यसूरजपुर

Surjpur News:मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकासखंडों में सम्पन्न हुआ स्वास्थ्य शिविर

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकासखंडों में सम्पन्न हुआ स्वास्थ्य शिविर

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश ख़बर प्रमुख छत्तीसगढ़ सूरजपुर/ 29 नवंबर 2021/ कलेक्टर ड़ॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री राहुल देव व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ .आर. एस. सिंह ,जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. काशीराम खुसरो, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशि तिर्की, जिला नोडल अधिकारी (एनएमएचपी) डॉ. राजेश पैकरा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. अनिता पैकरा के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत  18 से 29 नवंबर 2021 तक विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई के साइकोलॉजिस्ट सचिन मातुरकर, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर नंदकिशोर वर्मा, सोशल वर्कर प्रियंका मण्डल एवं नर्सिंग ऑफिसर मनोज कुमार के द्वारा किया गया ।
     सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़गी में 23 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर में 25, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैयाथान में 31, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में 40, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर में 34 ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर में 58 मानसिक मरीजो की स्क्रीनिंग करके उन्हें निःशुल्क दवाइयां एवं परामर्श दिया गया।
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एस. सिंह ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सम्बन्धित कई तरह के शिविर लगते हैं ,लेकिन इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य शिविर का फायदा उन लोगो को मिला है जो मानसिक रूप अस्वस्थ होने के कारण अपने इलाज के लिए जिला चिकित्सालय नहीं पहुंच पा रहे थे। इसी क्रम में नोडल अधिकारी (एनएमएचपी) डॉ. राजेश पैकरा ने बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य की भांति मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और इस दिशा में सतर्क रहना अति आवश्यक है। एक सबसे बड़ी चुनौती लगातार वैश्विक महामारी कोरोनाकाल के बाद सामने आए हालातों में हर उम्र, वर्ग व क्षेत्र के अच्छे खासे पढ़े-लिखे, शिक्षित वर्ग भी मानसिक समस्याओं के इलाज या लक्षण के प्रति सर्तक नहीं है। अनेक लोग मन की बीमारी को स्वीकार ही नहीं कर पाते हैं और यही वजह है कि इसके उपचार में देरी होती है। अगर मानसिक तनाव या नींद, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखे या अनुभव करें तो तत्काल नजदीकी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक से खुलकर अपनी समस्या को जाहिर करें, जिससे उपचार सुविधा निःशुल्क तौर पर उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त जिला चिकित्सालय में मानसिक स्वास्थ्य के लिए संचालित स्पर्श क्लिनिक कक्ष क्रमांक 60 में आकर निःशुल्क इलाज व परामर्श ले सकते है।

Akshay Dubey

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!