छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यरायपुर

Blrampur News: छात्राओं को दी गई मानव अधिकारों की जानकारी।

छात्राओं को दी गई मानव अधिकारों की जानकारी।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)

राजपुर। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजपुर में आज मानव अधिकार दिवस पर छात्राओं को मानव अधिकारों की जानकारियां दी गई, इस अवसर पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजपुर में विद्यालय की छात्राओं को जानकारी देते हुए सुश्री आकांक्षा बेक ने बताया कि मानव अधिकार बुनियादी अधिकार हैं और सभी मनुष्यों के लिए समान रूप से लागू हैं हम यह कह सकते हैं कि अधिकार स्वतंत्रता के लिए सम्मान को बढ़ावा देने के लिए मानव जीवन की सुरक्षा और गरिमा को बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं और उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वभौम मान्यता देख कर सब से पालन कराने की व्यवस्था की गई है मानव अधिकार अनिवार्य और अति आवश्यक है नैतिक शारीरिक सामाजिक कल्याण बनाए रखने के लिए मानव अधिकार आवश्यक है और नैतिक उत्थान के लिए उपयुक्त स्थिति प्रदान करते हैं अमीर हो या गरीब सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं और मानव अधिकार अपरिवर्तनीय है किसी शक्ति अधिकार द्वारा इन्हें प्राप्त नहीं किया जा सकता।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जयगोपाल अग्रवाल ने कहा कि मानव अधिकार हमारे मौलिक अधिकारों से भिन्न है ऐसा कहा जा सकता है मानव अधिकारों का अनुमान है कि प्रत्येक व्यक्ति के पास जो स्वतंत्रता है और जो उसे लाभ प्राप्त हैं उसके लिए समाज से अपेक्षा की जाती है कि वह व्यक्ति के अधिकारों का संरक्षण करें, देश में मानवाधिकार आयोग की भी स्थापना की गई है जहां कहीं भी किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है वह मानवाधिकार आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है ऐसी शिकायतें सीधे सामान्य डाक से भी भेजी जा सकती हैं और उन पर त्वरित कार्यवाही होती हैं।
अधिवक्ता संघ के सचिव सुनील सिंह ने कहा कि मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रारंभ से ही दुनिया भर में प्रयास होते रहे हैं संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए कारगर कदम उठाए थे हमारे देश के आजादी के दौरान ही मानवाधिकार विषय पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने विचार किया था मानव अधिकार वहां से शुरू होता है जहां कोई ताकतवर व्यक्ति संस्था कमजोर वर्ग को परेशान प्रताड़ित करता है सदीयों पहले जब दास्तां की स्थिति थी तब यह विचार आया था और धीरे-धीरे ऐसी स्थितियां बनी हमारे संविधान में भी मानव अधिकारों को सर्वप्रथम स्थान दिया गया है जाति लिंग धर्म या किसी भी आधार पर किसी के साथ भेद नहीं किया जाता सबको समान अवसर उपलब्ध हो सब के अधिकारों का रक्षा हो यह मानव अधिकार है जो अत्यंत मानवता के आधार पर सभी को समान रूप से और सभी के पास है।
अधिवक्ता उमेश झा ने कहा कि अधिकार काफी हैं पर अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमें प्रयासरत रहना चाहिए और सब को सम्मान मिले और हर अवसर का सबको लाभ मिले यह ध्यान रखना चाहिए।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

अधिवक्ता जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों की निर्वाहन की कोशिश होनी ही चाहिए क्योंकि अगर हम कर्तव्यों का पालन करने लगते हैं जो दूसरों के अधिकार पुष्पित पल्लवित होते हैं उनके अधिकारों की रक्षा होती है और जब हम सिर्फ अपने अधिकारों की बात करते हैं तो फिर दूसरे के अधिकारों का हनन करना शुरू कर देते हैं मानव अधिकार को समग्र रूप में देखते हुए हम सबको संकल्प लेना होगा कि हम कर्तव्यों का पालन करें और दूसरे के अधिकारों की रक्षा करें।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ने आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की जानकारियों से विद्यालय परिवार को लाभ मिलता है भविष्य में ऐसे आयोजन होते रहे तो ज्यादा बेहतर है।
इस दौरान विद्यालय में विद्यालय के स्टाफ उमेश वर्मा व अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!