छत्तीसगढ़ के धमतरी में हुए ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने 5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला धमतरी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद मृतकों के घरवाले काफी नाराज दिखे। कोर्ट से बाहर निकलते समय मृतकों के घरवालों ने गुस्से में आरोपियों पर जूते-चप्पल और पत्थर फेंकते हुए कहा, ‘घर उजाड़कर क्या मिला?’
परिवार वालों ने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, इसलिए आरोपियों को उम्रकैद नहीं बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। एक रिश्तेदार ने भावुक होकर बताया कि उनकी डेढ़ साल की बेटी आज भी दरवाजे की तरफ देखती है और उसे लगता है कि उसके पिता चॉकलेट लेकर वापस आएंगे। परिजनों ने कहा कि वे कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ आगे अपील करेंगे।
मामूली विवाद में तीन युवकों की हत्या
यह मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के भोयना गांव स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास का है। दरअसल, कार सवार 5 युवक 11 अगस्त, 2025 की रात धमतरी घूमने निकले थे। तभी ग्राम भोयना के पास स्थित अन्नपूर्णा ढाबे में कुछ पूछने के लिए रुके। इस दौरान ढाबे में पहले से 8 लोग बिल पेमेंट को लेकर विवाद कर रहे थे। बदमाश ढाबे की कुर्सी तोड़ रहे थे।
इस दौरान कार से उतरे युवकों ने उन्हें रोका। नशे में धुत बदमाशों ने युवकों से गाली-गलौज की। इसी बात पर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ, पहले बहस हुई फिर बात मारपीट तक आ गई।
विवाद, गाली-गलौज और मारपीट के बीच मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितिन तांडी और सुरेश निहाल पर हमला कर दिया था। हमले में तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
















