प्रदेश में पंजीयन विभाग द्वारा 1390.55 करोड़ राजस्व अर्जित।

रायपुर : प्रदेश में पंजीयन विभाग द्वारा 1390.55 करोड़ राजस्व अर्जित

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

पिछले वर्ष की तुलना में 27.89 प्रतिशत अधिक राजस्व की प्राप्ति

पंजीयक विभाग की समीक्षा बैठक

रायपुर, छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2021-22 में पंजीयन विभाग द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में जनवरी 2022 तक 27.89 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया गया है। इस समय पूरे प्रदेश में 1390.55 करोड़ राजस्व अर्जित किया गया है। जबकि वर्ष 2020-21 में इस अवधि तक 1087.34 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया गया था। यह जानकारी सुश्री इफ्फत आरा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय द्वारा जिला पंजीयकों की मासिक समीक्षा बैठक में दी गई।
हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी और शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि की परीक्षा के प्रवेश पत्र मंडल की वेबसाईट पर अपलोड

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

गत दिवस पंजीयन विभाग के अधिकारियों की नवा रायपुर अटल नगर में वाणिज्यिक कर भवन में आयोजित बैठक में सुश्री इफ्फत आरा ने अधिकारियों से कहा कि जिला पंजीयक राजस्व वसूली की निर्धारित प्रक्रिया का कढ़ाई से पालन करें और आर.आर.सी. प्रकरणों में बकाया राजस्व वसूली किया जाना सुनिश्चित करें। इससे राज्य के राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी। बैठक में जिले में राजस्व प्राप्तियों, पंजीबद्ध दस्तावेजों, मुद्रांक एवं राजस्व वसूली (आर.आर.सी.) प्रकरणों के संबंध में समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में पंजीयन विभाग के लिए 1700 करोड़ राजस्व लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध जनवरी माह तक 80 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हो चुका है। साथ ही जिला पंजीयक कार्यालयों में राजस्व (आर.आर.सी.) के लगभग 1076 प्रकरण वसूली हेतु लंबित है, जिनमें 48.68 करोड़ रूपए राजस्व निहित है।
कक्षा 10वीं और 12वीं के नियमित छात्रों को अब असाइनमेंट जमा करने की अनिवार्यता नहीं सोशल मीडिया।

बैठक में जिला पंजीयकों छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत राजस्व वसूली की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के धारा 146, 147 के अंतर्गत जिला पंजीयकों को बकाया राजस्व की वसूली हेतु तहसीलदार के अधिकार प्रदत्त है। इस अवसर पर उप महानिरीक्षक पंजीयक सुशील खलखो, मदन कोर्पे एवं विभिन्न जिलों के जिला पंजीयक उपस्थित थे।

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक, लोगों को रैबीज नियंत्रण व वायरल हिपेटाइटिस के बारे में जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश।