छत्तीसगढ़राज्यरायपुर

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत 11 पंचायतों को ऑनलाइन प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत 11 पंचायतों को ऑनलाइन प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया

छत्तीसगढ़ राज्य को मिला राष्ट्रीय स्तर पर ई-पंचायत का द्वितीय पुरस्कार

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव को प्रशस्ति पत्र भेंट करते हुए दी बधाई 

रायपुर, 24 अप्रैल 2021

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में श्रेष्ठ कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ राज्य की जिला पंचायत कोण्डागांव, जनपद पंचायत तिल्दा एवं गरियाबंद सहित 8 ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों को ऑनलाइन पुरस्कार प्रदान करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर ई-पंचायत का द्वितीय पुरस्कार मिलने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव को भारत सरकार से प्राप्त प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और उन्हें इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र भोपालपट्टनम की ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा को भी नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार से नवाजा गया है। यह हम सब के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., मुख्य मंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक, पंचायत मोहम्मद कैसर अब्दुल हक भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला पंचायत कोण्डागांव, जनपद पंचायत गरियाबंद एवं तिल्दा, जनपद  पंचायत अम्बिकापुर की ग्राम पंचायत सरगवां, जनपद पंचायत लुन्ड्रा जिला सरगुजा की ग्राम पंचायत रिरी, गुण्डरदेही जनपद पंचायत जिला बालोद की ग्राम पंचायत माहुद (अ), जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा जिला कबीरधाम की ग्राम पंचायत महराटोला, जनपद पंचायत जिला रायपुर की ग्राम पंचायत बैहार को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार तथा जनपद पंचायत भोपाल पट्टनम जिला बीजापुर की ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, जनपद पंचायत अभनपुर जिला रायपुर की ग्राम पंचायत नवागांव (ल) को बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार तथा जनपद पंचायत आरंग जिला रायपुर की ग्राम पंचायत बैहार को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार से पुरस्कृत होने पर ऑनलाईन प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और बधाई दी।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े पंचायत पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज की परिकल्पना स्वर्गीय राजीव गांधी ने की थी। अविभाजित मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सरकार के कार्यकाल में पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई। इसमें महिलाओं को आरक्षण के साथ ही अनुसूचित, जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण दिया गया। पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने के साथ ही उन्हें विकास एवं जनहित के कार्यों के लिए सीधे राशि दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत महिलाओं को मिले आरक्षण से भी अधिक संख्या में महिलाएं पंचायत पदाधिकारी के रूप में चुन कर आने लगी हैं और गांवों के विकास में बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी निभाने लगी हैं। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज व्यवस्था में बेहतर भागीदारी के लिए महिला पदाधिकारियों को विशेष रूप से बधाई दी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि हम सब को मिलकर लोगों की भलाई के लिए लगातार बिना रूके, बिना थके काम करना है। उन्होंने बीते वर्ष कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सब की सजगता और भागीदारी से कोरोना संक्रमण की पहली लहर को हम गांव में पहुंचने से रोकने में कामयाब रहे हैं। इस बार कोरोना संक्रमण गांवों में भी होने लगा है, यह हमारे लिए चुनौती है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों को सावधानी एवं सर्तकता से गांव में संक्रमण की रोकथाम के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई की सभी लोगों की भागीदारी से हम इस बार भी कोरोना को परास्त करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बीते वर्ष मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने इस वर्ष भी गांव वालों की सहमति से मनरेगा के काम शुुरू करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे जरूरतमंदों को गांव में काम मिलेगा और अधोसंरचना का निर्माण भी होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गरीब, अंत्योदय, निराश्रित एवं निःशक्त जन सहित प्राथमिकता की श्रेणी वाले राशनकार्डधारी परिवारों को मई एवं जून माह का चावल निःशुल्क देने का फैसला लिया है। राशन दुकानों को चावल का आबंटन प्रदाय कर दिया गया है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों से पात्र परिवारों को चावल दिलवाने में सहभागी बनने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत एवं सफल, ग्रामीणों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सब को समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करना है। उन्होंने उम्मीद जताई की राज्य की पंचायतें बेहतर काम-काज करेंगी और भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर अधिक से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करेंगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पंचायती राज व्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है। हमारी पंचायते लगातार बेहतर काम कर रही है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ राज्य की पंचायतों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर ई-पंचायत का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होने के साथ ही जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों को 11 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं ने अपने काम-काज से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं सम्मान दिलाया है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों का आह्वान किया कि हमें मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में इस कीर्तिमान को और आगे बढ़ाना है, और मंजिले हासिल करनी है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस मौके पर पुरस्कार विजेता पंचायतों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि का मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना शुरूआत हुई है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने पंचायतों से सहयोग की अपील की।

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!