उच्च न्यायालय भारत भर में नीट के लिए मानक परीक्षा दिशानिर्देश तय करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा

उच्च न्यायालय भारत भर में नीट के लिए मानक परीक्षा दिशानिर्देश तय करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

कोच्चि, 29 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय प्रवेश-सह-पात्रता परीक्षा (नीट) परीक्षा के दौरान राज्य के एक परीक्षा केंद्र पर छात्राओं के साथ हुई कथित अशोभनीय घटना के मद्देनजर, केरल उच्च न्यायालय देश भर में परीक्षा आयोजित करने के लिए एक मानक दिशानिर्देश तैयार किए जाने का अनुरोध कर रही याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई कर सकता है।

नीट परीक्षा के बाद एक छात्रा के अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाली छात्राओं को कोल्लम जिले में परीक्षा में बैठने की अनुमति के लिए अंत:वस्त्र हटाने को कहा गया था और इन छात्राओं में एक उनकी बेटी भी है जो घटना के बाद से सदमें में है।

भारत भर में परीक्षाओं के लिए एक मानक दिशानिर्देश तैयार करने के अलावा, जनहित याचिका में उक्त दिन की ‘‘निराशाजनक’’ स्थिति का हवाला देते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि प्रभावित महिला उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा देने की अनुमति दी जाए क्योंकि तब, वे परीक्षा के दौरान ध्यान केंद्रित नहीं कर सकी थीं।

याचिका में प्रभावित विद्यार्थियों के लिए मुफ्त परामर्श के साथ-साथ उन्हें पहुंचे ‘‘सदमे’’ और ‘‘मानसिक पीड़ा’’ के लिए मुआवजा दिए जाने का भी अनुरोध किया गया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

प्रभावित प्रतिभागियों में से एक के माता-पिता द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद 17 जुलाई को हुई घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन सात लोगों में पांच महिलाएं और दो पुरुष हैं, जिनमें से एक नीट पर्यवेक्षक और दूसरा परीक्षा समन्वयक था।

गिरफ्तार महिलाओं में से तीन एनटीए द्वारा अनुबंधित एक एजेंसी के लिए काम करती थीं और शेष अयूर में निजी शिक्षण संस्थान में कार्यरत थीं, जहां यह घटना हुई थी। सभी सात आरोपियों को पिछले सप्ताह निचली अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था। इस बीच, एनटीए ने कोल्लम का दौरा करने के लिए एक तथ्य-खोज समिति का गठन किया है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है जब परीक्षा के नाम पर ऐसी घटना हुई है और इसका कारण परीक्षा आयोजित करने के लिए एक सामान्य दिशानिर्देश या प्रणाली की कमी है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि परीक्षा से ठीक पहले शारीरिक जांच से छात्रों की याददाश्त पर असर पड़ता है।

घटना के दो दिन बाद शिकायतकर्ता पिता ने संवाददाताओं को बताया था कि उनकी बेटी नीट परीक्षा में बैठी थी और अब तक उस सदमे से बाहर नहीं आ पाई है, जिसमें उसे परीक्षा के लिए तीन घंटे से अधिक समय तक बिना अंत:वस्त्र के बैठना पड़ा था।

लड़की के पिता ने एक टीवी चैनल को बताया था कि उनकी बेटी ने नीट बुलेटिन में उल्लिखित ड्रेस कोड के अनुसार ही कपड़े पहने थे। घटना की निंदा करते हुए विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

घटना के सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज किया। केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी घटना की जांच के आदेश दिए थे।