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राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत : ग्राम बिरकोनी और शहरी परियोजना में पोषण दिवस का आयोजन

राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत : ग्राम बिरकोनी और शहरी परियोजना में पोषण दिवस का आयोजन

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महासमुंद // पौष्टिक पोषण की जागरूकता एवं एनीमिया और कुपोषण को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर में मनाया जाता है। जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों मे विविध गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरकोनी में बुधवार को पोषण दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें ग्राम की गर्भवती शिशुवती महिला किशोरी बालिका सहित करीब 65 महिलाएं उपस्थित थी।
महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अजय साहू जी द्वारा महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यदि कुपोषण कम करना है तो सबसे पहले महिलाओं को एनीमिया मुक्त होना आवश्यक है। इस हेतु महिला इतनी जागरूक हो कि हीमोग्लोबिन 11 ग्राम या उससे ज्यादा हो तभी वह गर्भधारण करें. ताकि बच्चा गर्भ में अपना पूर्ण विकास कर सके। पूर्ण गर्भकाल में गर्भवती को पौष्टिक पोषण लेना आवश्यक है। इसके लिए गर्भवती को दिन में बार-बार खाना खाते रहना चाहिए। गर्भकाल के दौरान समय-समय पर डॉक्टर से चेक करवा कर पौष्टिक गोली आयरन और कैल्सियम फोलिक एसिड, डाक्टर के दिए गए निर्देश अनुसार खानी चाहिए। आंगनवाड़ी में मिलने वाला पौष्टिक रेडी टू ईट गर्भवती स्वयं उसका उपयोग करें क्योंकि वह बहुत पौष्टिक होता है। यदि महिला एनीमिक है तो उसका बच्चा भी कमजोर होगा और जब बच्चा कमजोर होगा तो उसका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाएगा। एनीमिक महिला है तो उसको भी कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकते हैं। जिसका खामी आज उसे स्वयं ही भुगतना पड़ता है। इसके पश्चात सेक्टर पर्यवेक्षक अपर्णा श्रीवास्तव द्वारा कहा गया की छत्तीसगढ़ में 36 प्रकार की भजिया होती है यदि यही भाजी रोज खाई जाए तो एनीमिया की 70 प्रतिशत समस्या वैसी हल हो जाएगी, साथ ही यदि पौष्टिक व्यंजन आपको लेना है तो इसके लिए महतारी वंदन की राशि सरकार द्वारा प्रतिमाह दिया जाता है, जिसे अपने स्वास्थ्य के लिए उपयोग कर सकती है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शकुन यादव अंजनी साहू कल्याणी यादव चित्ररेखा,और लीला साहू द्वारा पौष्टिक व्यंजन की प्रदर्शनी लगाई गई.जिसमें यह दर्शाया गया कि इसमें सभी प्रकार के पोष्टीक तत्व होते हैं जो कि हमारे शरीर के बहुत फायदेमंद है स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फलों का भी उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह शहरी क्षेत्र मे भी महासमुंद के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र मे पूरक पोषण आहार के संबध मे प्रदर्शनी लगाई गई और महिलाओं को पौष्टिक तत्वों और पौष्टिक आहार की जानकरी दी गई। इस दौरान पर्यवेक्षक शीला प्रधान, रितु सिन्हा और कुंती यादव मौजूद थी।
जिंदगी को रखना हो खुशहाल, तो रखें स्वस्थ का पूरा ख्याल
स्वास्थ्य को भी पहला स्थान, तभी होगा बीमारियों का निदान ।।

Ashish Sinha

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