काव्य श्रृंखला साहित्यिक मंच द्वारा दशमेश पब्लिक स्कूल के सभाकक्ष में कवि सम्मेलन का आयोजन कर स्वतंत्रता के पचहत्तरवीं वर्षगांठ मनाया गया………

काव्य श्रृंखला साहित्यिक मंच द्वारा दशमेश पब्लिक स्कूल के सभाकक्ष में कवि सम्मेलन का आयोजन कर स्वतंत्रता के पचहत्तरवीं वर्षगांठ मनाया गया………

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ब्यूरो चीफ/सरगुजा// शहर के विशिष्ठ साहित्यिक प्रेमीजनों के निवेदन पर स्थानीय कवियों द्वारा अमृत महोत्सव के प्रतिफलस्वरूप स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के याद में काव्य श्रृंखला साहित्यिक मंच द्वारा दशमेश पब्लिक स्कूल के सभाकक्ष में कवि सम्मेलन का आयोजन कर स्वतंत्रता के पचहत्तरवीं वर्षगांठ मनाया गया। कार्यक्रम के सुत्रधारा कविवर अम्बरीष कश्यप ने शहर के विशिष्ठजनों से सम्पर्क कर रूपरेखा तैयार किया और अपनी बातें दशमेश स्कूल के संचालक के पास रखा तो तुरंत सहमति मिल गई। आयोजन कि भव्यता उस समय और बढ़ गई जब कैविनेट मंत्री के दर्जा गुरूप्रीत सिंह बाबरा मुख्य अतिथि का आमंत्रण स्वीकार कर लिए| कार्यक्रम के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ प्रांत का बहुप्रसिद्ध एवं राजगीत अरपा पैरी के धार की प्रस्तुति किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गुरूप्रीत सिंह बाबरा (कैबिनेट मंत्री) ने कहा कि वीर शहीदों की कुर्बानी का ऋण हम सभी पर है। यह गौरव की बात है कि आज दशमेश पब्लिक स्कूल एवं काव्य श्रंखला मंच के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय कवि के द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्यसृजन करना आम बात नहीं है जिसके उपर मां शारदे की कृपा होगी वहीं इस परम्परा को आगें बढ़ा सकता। हम चाहते हैं कि इस तरह का आयोजन आये दिन होता रहे जिससे युवा पीढ़ी जूड़े और सरगुजा का नाम रौशन करें। शहर का युवा कवि अम्बरीष कश्यप का उत्साह देख कर मुझे बहुत प्रसन्नता होती है।

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विशिष्ट अतिथि त्रिलोचन सिंह ने गुरूनानक देव का संदर्भ सुनाते हुऐ कहा कि व्यक्ति और व्यक्तित्व की महानता उसके कार्यकुशलता और दक्षता पर निर्भर करता है और जब व्यक्ति का दक्षता समाज को समर्पित हो जाता है सैकड़ों लोगों की दुआ मिलने लगती है। साहित्य एक साधना है इसे भी सेवा मानकर समाजसेवा किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित शिक्षक एवं कवि देवेन्द्र दुबे ने कहा कि सरगुजा में साहित्यिक गतिविधियां बहुत होती है । कई साहित्यिक संगठन सक्रिय हैं । मेरा सुझाव है कि शासनतंत्र द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से युवा कवियों को जोड़ा जाय जिससे सरगुजा का गौरव प्रदेश स्तर तक रेखांकित हो। विशिष्ट अतिथि भगतसिंह विहंस ने कहा कि काव्य श्रृंखला साहित्यिक मंच द्वारा आयोजित कविसम्मेलन में आज शाला के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकवृंद भी सहभागी हो कर साहित्यिक रसास्वादन कर रहे हैं। यानि अम्बिकापुर नगर में साहित्य लिखने वाले है तो साहित्य सुनने वाले भी है। आज दशमेश स्कूल ने यह कविसम्मेलन करवाया मुझे बहुत प्रसन्नता हुई । शहर के अन्य स्कूल भी ऐसा आयोजन करवाये जिससे युवा पीढ़ी साहित्य के महता को समझे। साहित्य समाज का आईना होता है। जब व्यक्ति लिखने बैठता है तो इतना दिमागी कसरत करता है कि व्यक्ति का बुद्धि प्रखर होने लगती है। सोचने समझने की शक्ति बढ़ जाती है ।

कार्यक्रम का संचालन शहर के तेजतर्रार प्रगतिशील विचारक एवं पत्रकार उमाकांत पान्ड़ेय ने किया । कविवर श्याम बिहारी पान्ड़ेय की रचना हाँ..हाँ… मैं मंगल पान्ड़ेय हुँ की प्रस्तुति ने सबको वीररस में डुबो दिया । देवेन्द्र की बहुप्रचलित गीत तेरी भी और मेरी भी ने ऐसा धुम मचाया की सभी श्रोता प्रेमरस में डुब गयें। युवा कवि कि युवा अंदाज कविवर अम्बरीष का प्रस्तुति मैं छत्तीसगढ़ का वासी हुँ पर तालियों बरसात होने लगी। कैबिनेट मंत्री का स्वागत फिल्म डायरेक्टर एवं एक्टर आनंद सिंह यादव द्वारा एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया.. कार्यक्रम की सःसंचालिका कवियत्री आशा पान्ड़ेय ने नीले गगन में लहरा रहा तिरंगा की अद्भुत प्रस्तुति रही । कार्यक्रम में अंजनी सिंह, डाँ. उमेश पान्ड़ेय, अर्चना पाठक, पूनम दुबे, प्रकाश कश्यप, आनंद सिंह यादव , डॉ. योगेंद्र गहरवार अनुकूल द्विवेदी , संतोष दास , संतोष दुबे,राम मालवीय, अजय सिंह, आरती श्रीवास्तव, ममता विश्वकर्मा, बबीता विश्वकर्मा, निधि सिंह आदि की सहभागिता सराहनीय रही ।