सूचना का अधिकार जनता की भलाई के लिए: राउत

रायपुर : सूचना का अधिकार जनता की भलाई के लिए: राउत

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ऑनलाईन वेबपोर्टल के माध्यम से आवेदकों को नई सुविधा

आयोग के स्थापना दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

स्थापना दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम.के. राउत ने कहा कि “सूचना का अधिकार” का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकार द्वारा जारी की गई प्रत्येक जानकारी उपलब्ध कराना है। नागरिक का अधिकार है, जानकारी प्राप्त करना और इस बीच रुकावट आती है तो “राज्य सूचना आयोग” में शिकायत कर सकते हैं। जनता और सरकार के बीच पारदर्शिता रहती है और भ्रष्ट लोग एवं कार्य में रोक लगती है। जनता प्रशासन के प्रत्येक कार्य की जानकारी प्राप्त कर जागरूक रहती है। ऑनलाईन वेबपोर्टल के माध्यम से आवेदकों को नई सुविधा प्रदान की गई है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की स्थापना दिवस के अवसर पर आज 12 अक्टूबर 2020 को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में श्री राउत ने उक्त विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी डी सिंह, सचिव राज्य सूचना आयोग आनंद मसीह उपस्थित थे।
मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सरकार और जनता के मध्य कार्य प्रणाली की जानकारी का खुला रूप आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है। आम जनता सरकारी दस्तावेज़ो की जानकारी रख सकती है व समाज में घटित मुद्दों के प्रति जागरूक हो सकती है।
राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के इतिहास में एक उपलब्धि और जुड़ गई। पोर्टल के ऑनलाईन होने से पहुच आसान हो गया और डाक खर्च की बचत होने के साथ ही त्वरित कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर धन, समय और श्रम की बचत होगी। अग्रवाल ने कहा कि आयोग के 2005 से 2022 के महत्वपूर्ण निर्णय को संकलित कर प्रकाशित करायाग गया है, जो जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के साथ ही साथ आवेदकों के लिए लाभकारी होगा।
मनोज त्रिवेदी ने कहा कि आयोग के पोर्टल के ऑनलाईन होने से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जवाब शीघ्र प्राप्त हो सकेगा एवं प्रकरण के निराकरण में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रक्ररणों की सुनवाई सुविधाजनक हो रही है और बहतर परिणाम मिल रहे हैं।
राज्य सूचना आयुक्त श्री धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम जानकारी देने के लिए बनाया गया है। अधिनियम के तहत जो जानकारी दी जा सकती है, उसे शीघ्रता से संबंधित आवेदको को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि पोर्टल के ऑनलाईन होने से अधिक से अधिक जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी पंजीयन कर इस अभियान का हिस्सा बनें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। पूर्व राज्य सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल के प्रारंभ हाने से सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और कार्य त्वरित गति से निराकृत होगा। “सूचना का अधिकार अधिनियम 2005” की स्थापना दिवस के अवसर पर आयोग के अधिकारी ,कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।