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छत्तीसगढ़ में एक नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाभियान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाभियान

मुख्यमंत्री ने किसानों और प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

इस साल 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान

25.72 लाख किसानों का पंजीयन

इस वर्ष लगभग 61 हजार नये किसानों ने कराया पंजीयन

धान खरीदी की सभी तैयारियां पूरी

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में एक नवम्बर से शुरू हो रहे धान खरीदी के महाभियान पर किसानों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित किसान हितैषी योजनाओं से प्रदेश में खेती-किसानी में नये उत्साह का संचार हुआ है। खेतों से दूर हो रहे किसान खेतों की ओर लौटे हैं और खेती का रकबा भी बढ़ा है।
राज्योत्सव के साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 01 नवम्बर 2022 से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। इस वर्ष लगभग 110 लाख मीट्रिक धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.72 लाख किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 61 हजार नये किसान है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 2497 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए एक नवम्बर 2022 से धान ,खरीदी शुरू हो जाएगी। किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी के लिए राज्य शासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्थाएं कर ली गई है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न आए, इसको लेकर सभी केन्द्रों में बेहतर प्रबंध किए जाने के साथ ही व्यवस्था पर मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि गत वर्ष के पंजीकृत 24.05 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। पंजीकृत किसानों के डाटा को कैरी फॉरवर्ड तथा इस साल लगभग 61 हजार नये किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। इस प्रकार पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 25.72 लाख हो गई है। पंजीकृत किसानों के धान का रकबा बढ़कर 30.44 लाख हेक्टेयर हो गया है। समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की अधिकतम सीमा पिछले वर्ष के अनुसार 15 क्वि. प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। धान खरीदी हेतु बारदाने की व्यवस्था कर ली गई है। धान खरीदी के लिए सभी समितियों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स का पंजीयन किया जा रहा है। राज्य में अवैध धान की आवक रोकने तथा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों पर निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। सीमावर्ती सोसायटियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ में धान का अवैध परिवहन न हो, इसकी रोकथाम के लिए चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं, जहां अधिकारियों की टीम माल वाहकों पर कड़ी निगरानी रखेगी।
गौरतलब है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए तथा धान की खेती बदले अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ की मान से 10 हजार सब्सिडी दी जा रही है। बीते तीन सालों में राज्य के किसानों को 16 हजार 415 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है। वर्ष 2019 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 18.43 लाख किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए के मान से 5627 करोड़ रूपए, वर्ष 2020 में 20.59 लाख किसानों को 5553 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2021 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 24 लाख किसानों को तीन किश्तों में 5235 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष के अंत तक किसानों को चौथी किश्त के रूप में 1745 करोड़ रूपए की सब्सिडी और दी जाएगी। इस प्रकार इस राज्य के किसानों को कुल 6980 करोड़ रूपए सब्सिडी के रूप में मिलेंगे।

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