लखनऊ में 4,543 उप निरीक्षकों और प्लाटून कमांडरों को सौंपा गया नियुक्ति-पत्र: सीएम योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर करारा हमला, कहा— ‘2017 से पहले चाचा-भतीजे की जोड़ी करती थी वसूली’
उत्तर प्रदेश में पुलिस बल को सशक्त, आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। राजधानी लखनऊ के पुलिस लाइन/सभागार में आयोजित एक भव्य राज्यस्तरीय नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर चयनित 4,543 उप निरीक्षकों (Sub-Inspectors) एवं प्लाटून कमांडरों (Platoon Commanders) को नियुक्ति-पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और पूर्ववर्ती सरकारों (विशेषकर समाजवादी पार्टी के कार्यकाल) के दौरान पुलिस भर्ती में हुए भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं पर तीखा हमला बोला।
“उत्तर प्रदेश में पुलिस बल को सशक्त बनाने के साथ युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया से सेवा का अवसर देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। वर्ष 2017 से पहले पुलिस भर्तियों में अनियमितताओं, भेदभाव और भ्रष्टाचार से युवाओं का विश्वास प्रभावित होता था। भर्ती निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए भी निकल पड़ती थी।”
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
राजनीतिक सियासत: ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ पर करारा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। “चाचा-भतीजे की जोड़ी” वाले तंज को सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के शासनकाल से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पूर्व जब भी उत्तर प्रदेश में किसी सरकारी विभाग में भर्तियां निकलती थीं, तो योग्यता और प्रतिभा को दरकिनार कर दिया जाता था। उस दौर में राज्य का युवा निराश और हताश था, क्योंकि नौकरियां सिफारिश, राजनीतिक रसूख या भारी लेन-देन (रिश्वत) के बिना नहीं मिलती थीं।
2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां: बदली हुई कार्य-संस्कृति का साक्ष्य
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा पिछले 9 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 2 लाख 26 हजार (2.26 लाख) से अधिक विभिन्न पदों पर नियुक्तियां सफलतापूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं।
| क्र.सं. | विभाग / बल श्रेणी | भर्ती का विवरण / मुख्य पद |
|---|---|---|
| 1 | नागरिक पुलिस (Civil Police) | आरक्षी (Constable) एवं उप-निरीक्षक (Sub-Inspector) |
| 2 | प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC) | पीएसी जवान एवं प्लाटून कमांडर |
| 3 | अग्निशमन सेवा (Fire Services) | अग्नि शमन द्वितीय अधिकारी एवं कर्मचारी |
| 4 | विशेष सुरक्षा बल (SSF) | विशिष्ट प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु उप निरीक्षक एवं आरक्षी |
| 5 | महिला बटालियन | नारी शक्ति मिशन के अंतर्गत महिला उप निरीक्षक एवं आरक्षी |
चयनित 4,543 अधिकारियों का विवरण एवं पद आवंटन
आज लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह के दौरान नागरिक पुलिस, पीएसी तथा विशेष सुरक्षा बल (SSF) के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। भर्ती प्रक्रिया के आंकड़ों के अनुसार, इस चयन में राज्य के हर वर्ग और जिले के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व शामिल है:
- उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस): कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध की रोकथाम और विवेचना को अत्याधुनिक बनाने के लिए।
- प्लाटून कमांडर (पीएसी): प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC) की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए।
- विशेष सुरक्षा बल (SSF): प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, न्यायालयों और प्रशासनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु।
- नारी शक्ति प्रतिनिधित्व: मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला बटालियनों के लिए महिला उप निरीक्षकों की नियुक्ति।
अत्याधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी पुलिसिंग पर जोर
नियुक्ति पत्र वितरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए चयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए साइबर क्राइम, वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए उन्नत आईटी प्रशिक्षण प्राप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुलिस अधिकारियों का व्यवहार आम जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति वाला होना चाहिए।
यह नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह केवल पदों को भरने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने का एक प्रतीक है। निष्पक्षता, पारदर्शिता और केवल योग्यता (Merit) को आधार बनाकर दी जाने वाली इन नियुक्तियों से उत्तर प्रदेश पुलिस की विवेचना प्रणाली और कानून-व्यवस्था को एक नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।














