“52 साल तक तिरंगा न फहराने वाले आज हाथों में तिरंगा लेकर घूम रहे हैं”: भूपेश बघेल का पीएम मोदी और आरएसएस पर सीधा हमला
नया रायपुर / नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बघेल का यह बयान राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’, राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और देश में जारी राजनीतिक संवाद के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
— भूपेश बघेल (एक्स पर जारी पोस्ट)
‘तिरंगे’ के इतिहास को लेकर तीखा तंज
भूपेश बघेल ने अपने संदेश के जरिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास और केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि आजादी के बाद लगभग 52 वर्षों तक नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर नियमित रूप से तिरंगा नहीं फहराया गया था। बघेल का यह बयान इसी ऐतिहासिक घटनाक्रम को केंद्र में रखकर केंद्र सरकार के राष्ट्रवाद के दावों को चुनौती देता है।
राहुल गांधी और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का प्रभाव
भूपेश बघेल ने दावा किया है कि सत्ता पक्ष का राष्ट्रीय ध्वज के प्रति यह बदला हुआ दृष्टिकोण कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की बड़ी राजनीतिक सफलता है। बघेल का मानना है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी द्वारा हाथों में तिरंगा लेकर निकाली गई यात्रा ने भारतीय जनता पार्टी और उसके वैचारिक संगठनों को भी राष्ट्रवाद के इस प्रतीक को नए सिरे से अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट की चुनौती
अपने बयान के अंतिम हिस्से में भूपेश बघेल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए उन्हें खुली राजनीतिक बहस (Debate) की चुनौती दी है। कांग्रेस और विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि प्रधानमंत्री को निम्नलिखित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सीधी चर्चा का सामना करना चाहिए:
- आर्थिक चुनौतियां और बेरोजगारी: देश के युवाओं के सामने रोजगार के अवसरों की कमी और बढ़ती महंगाई।
- संवैधानिक सुरक्षा और सामाजिक समरसता: संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और देश में सामाजिक सौहार्द।
- राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति: सीमाओं की सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ संबंध।
राजनीतिक रुख का तुलनात्मक विश्लेषण
| मुद्दा | कांग्रेस / भूपेश बघेल का रुख | भाजपा / केंद्र सरकार का रुख |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) | आरोप है कि संघ और भाजपा का राष्ट्रवाद चुनावी और दिखावटी है। | ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देकर राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा। |
| राहुल गांधी का प्रभाव | राहुल गांधी की यात्राओं ने देश को एकजुट किया और मुख्य मुद्दों को केंद्र में लाया। | विपक्ष के अभियानों को दिशाहीन और चुनावी असफलताओं से प्रेरित बताया। |
| सार्वजनिक डिबेट | प्रधानमंत्री को विपक्ष के सवालों का सामना संसद या खुले मंच पर करना चाहिए। | प्रधानमंत्री संसद भाषणों और ‘मन की बात’ के जरिए जनता से सीधा संवाद करते हैं। |














