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मृत चाचा को पिता बताकर उसकी जमीन हड़प ली पटवारी व दलाल के खिलाफ एसपी से शिकायत

मृत चाचा को पिता बताकर उसकी जमीन हड़प ली पटवारी व दलाल के खिलाफ एसपी से शिकायत

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गोपाल सिंह विद्रोही विश्रामपुर -मृत चाचा को पिता बताकर जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।पटवारी के खिलाफ भी एसपी से शिकायत।
जानकारी के अनुसार बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरस्वतीपुर निवासी जमीन दलाल ने अपनी चाची व चचेरे भाइयों के अनपढ़ व भोलेपन का फायदा उठा उनके हिस्से की जमीन को राजस्व अमले से साठगांठ कर अपने नाम करा लिया,इस बात की जानकारी बेवा के परिजनों को दो वर्ष बाद लगी तो उन्होंने मामले की लिखित शिकायत एसपी व बिश्रामपुर थाने को कर न्याय की गुहार लगाई है।बिश्रामपुर थाना प्रभारी को सौपे लिखित शिकायत में सरस्वतीपुर निवासी बेवा मंगली पति सोमार साय 60 वर्ष ने बताया कि उसके हक व स्वामित्व की ग्राम सरस्वतीपुर पटवारी हल्का नम्बर 16 राजस्व निरीक्षक मण्डल सूरजपुर स्थित भूमि खसरा नम्बर 47 रकबा 0.85 हेक्टेयर भूमि जो उसके पति स्व सोमार साय को शासन से पट्टे पर प्राप्त भूमि है।बेवा ने शिकायत में उल्लेख किया है कि उसके दो पुत्र बुधराम 20 वर्ष,भूखल 22 वर्ष हैं।शिकायत में उल्लेख है कि उनका भतीजा ईश्वर प्रशाद आत्मज जगदीश राम केंवट 33 वर्ष निवासी सरस्वतीपुर जो जमीन दलाली का कार्य करता है,जो उसके पति सोमार साय की मृत्यु पश्चात राजस्व अमले से साठगांठ कर अपना नाम बीवन में दर्ज कराकर तहसील न्यायलय में अपने आप को उसके मृत पति सोमार साय को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपना पिता बताकर उक्त भूमि का बटवारे का आवेदन तहसील न्यायालय में प्रस्तुत कर जमीन का बंटवारा करा लिया जबकि ईश्वर प्रशाद जगदीश राम का पुत्र है।यह कि अनावेदक ईश्वर प्रशाद ने सुनवाई पश्चात तहसीलदार सूरजपुर ने आदेश पारित कर बंटवारे का आदेश 30 जून 2020 को पारित कर दिया, जिस आदेश के अनुसार अनावेदक ईश्वर आत्मज सोमार साय का नाम हिस्सा में लिखा जाना चाहिए था लेकिन हल्का पटवारी तबरेज आलम ने अनावेदक ईश्वर पिता सोमार साय की जगह अनावेदक ईश्वर को गलत मंशा से लाभ पहुँचाते हुए ईश्वर के वास्तविक पिता जगदीश का नाम दर्ज कर बेजा लाभ पहुँचाया है।अनावेदक ईश्वर ने तहसील न्यायालय के समक्ष अपने आप को सोमार साय का पुत्र बताकर आवेदन किया जबकि वह जगदीश राम का पुत्र है दूसरी तरफ हल्का पटवारी ने जिस आदेश के तहत राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार किया है उस आदेश में लिखे नाम को सुधार करने का अधिकार हल्का पटवारी को विधि में प्राप्त नही है फिर भी वह अनाधिकृत रूप से विधि के खिलाफ जाकर कार्य किया है।शिकायत पत्र में उल्लेख है कि आवेदक का परिवार कृषक व पूरी तरह से अनपढ़ है जिस हेतु न्याय हित में दोषियों के खिलाफ कार्यवाई आवश्यक है ताकि उन्हें न्याय।प्राप्त हो सके और फिर ऐसी गलती करने का कोई दुःसाहस नही कर सके।

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