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CG NEWS: बेरोजगारी का रोना रोने वाले युवा खेती किसानी कर अपना भविष्य संवारे-बाबूलाल यादव

बेरोजगारी का रोना रोने वाले युवा खेती किसानी कर अपना भविष्य संवारे-बाबूलाल यादव

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किसी भी सरकार में दम नहीं है कि वह देश की बेरोजगारी दूर कर सके

अपनी काबिलियत खुद दिखाएं युवा वर्ग

गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर- बेरोजगारी कि रोना रोने वाले युवाओं को खेती किसानी की ओर अपना रुख कर आर्थिक समृद्धि लाना चाहिए खेती में अच्छा भविष्य है यह मानना है सफल युवा किसान बाबूलाल यादव का।बाबूलाल क्षैत्र का उभरता हुआ युवा किसान है। जो अपनी मेहनत एवं लगन से खेती के माध्यम से लाखों रुपए की कमाई भी कर रहे हैं और अपने ग्राम रामनगर के 60-65 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.

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जानकारी के अनुसार ग्राम रामनगर के एक गरीब परिवार से जुड़े बाबूलाल यादव शासन से 35 एकड़ शासकीय भूमि लीज पर ली है तथा उसमें विभिन्न प्रकार के आवश्यक जरूरत को पूरा करने वाला खाद्य पदार्थों का खेती कर प्रचुर मात्रा में पैदावार लेते है।35 एकड़ की भूमि में कोई ऐसी सब्जियां नहीं है जिसका पैदावार बाबूलाल यादव नहीं ले रहे है । शिमला मिर्च, बैगन ,गोभी, हरी मिर्च, आलू, बैगन ,भिंडी, टमाटर ,लौकी अदरक प्याज ,लौकी , मिर्च ,खीराआदि फैसलो का खूब पैदावार ले रहे है।इन सब्जियों की आपूर्ति यूपी के बनारस, झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में करते हैं। उनके खेतों कि सब्जियों का मांग बहुत है ।बंजर भूमि में अपनी लगन एवं मेहनत से रासायनिक दवाओं का उपयोग किए बगैर ऑर्गेनिक खाद का उपयोग कर हर प्रकार की सब्जियां का पैदावार कर रहे हैं। बाबूलाल इस संबंध में बताते हैं कि फसलों में नहीं के बराबर रासायनिक दावों का उपयोग करते हैं जबकि अधिकतर गोमूत्र एवं गोबर के माध्यम से फैसले लेते हैं। इन्हीं कारणों से सब्जियां स्वादिष्ट होती है जिस कारण से बाजार में इनकी जबरदस्त मांग है। बाबूलाल यादव बताते हैं कि जब हमने शासन से लीज पर भूमि ली और खेती करने की रास्ता चुना तो बाबूजी जमुना यादवजी ने किसी प्रकार का रिस्क न लेने की सलाह दी, हमने उन्हें बहुत समझाया अंततः बाबूजी मान गए और आज उन्ही के आशीर्वाद से खेती के क्षेत्र में धीरे-धीरे सफल हो रहे हैं। इस सीजन में 4 एकड़ कि भूमि में लगाए हैं तरबूज जिसकी मांग यूपी, बिहार एवं झारखंड में ज्यादा है। इस संबंध में युवा किसान बाबूलाल यादव बताते हैं कि इस वर्ष हमने सागर किंग एवम नुरल प्रजातियां का तरबूज विशुद्ध गोबर खाद एवं गोमूत्र का उपयोग कर 3 फरवरी को लगाए थे जो 65 दिनों में तैयार हो कर प्रचुर मात्रा में फसल देने लगा है। लागत काटकर प्रति एकड़ 70 से 80 हजार का मुनाफा हो जाता है। यादव बताते हैं इस काम में ग्राम के 65ऐसे लोगों को रोजगार मिला है जो मजदूरी के लिए गांव-गांव भटक रहे थे ।आज उन्हें अपने गांव में ही काम मिल गया है जिसको लेकर वह काफी खुश रहते।

कोई भी सरकारें नौकरी नहीं दे सकती स्वरोजगार पैदा करना होगा -यादव
सफल युवा किसान बाबूलाल युवाओं के लिए कहते हैं कि युवा किसी भी सरकार से उम्मीद न करें ।स्वरोजगार पैदा करें। खेती खेती कि ओर अपना ध्यान दें। खेती उज्ज्वल में उज्जवल भविष्य है। ऑर्गेनिक उत्पादित खाद्य पदार्थों की मांग बाजार में बहुत है। रासायनिक खाद से पैदा हुआ खाद्य पदार्थ से लोगों का मोह भंग हो गया है ।अतः युवाओं को खेती की ओर अपना ध्यान दे कर अच्छी कमाई कर आर्थिक मजबूती ला सकते है अतः युवाओं को नौकरी की और ध्यान न देकर खेती की ओर ध्यान दे कर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ना चाहिए।

Ashish Sinha

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