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जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करता हूं, उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार दिये जाने पर हम गौरवान्वित हैं – योगेश तिवारी

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करता हूं, उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार दिये जाने पर हम गौरवान्वित हैं – योगेश तिवारी

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बेमेतरा – प्रख्यात विद्वान, संस्कृताचार्य, रचनाकार, दार्शनिक, हिन्दू धर्मगुरु तथा तुलसी पीठ के संस्थापक जगद्गुरु रामभद्राचार्य को हाल ही में 58 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक पद्म विभूषण भी मिल चुका है। इस अवसर पर सर्व हिन्दू सनातन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी को बधाई देते हुए, उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की हैं। किसान नेता योगेश तिवारी ने बताया कि महान विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि, हमें इस बात का गर्व है कि भाजपा सरकार में ऐसे महापुरुषों को सम्मान मिल पा रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों ने धार्मिक विद्वानों को हमेशा ही दरनिकार करती रही है। योगेश तिवारी ने केंद्र की मोदी सरकार को इस सम्मान के लिए बहुत बहुत बधाई देते हुए कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सम्मान दिया जाना सर्व हिन्दू सनातन संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जगदगुरु सनातन संगठन से जुड़े हुए हैं और उनका आशिर्वाद हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है। तिवारी जी ने यह भी बताया कि जगद्गुरु 14 फरवरी को ही रायपुर में सर्व हिन्दू सनातन संगठन के कार्यालय का उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन स्वास्थ में गिरावट की वजह से शुभारंभ कार्यक्रम कुठ दिनों के लिए टालना पड़ा हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य का दिल्ली एम्स में उनके हार्ट के वॉल्व का सफल आपरेशन किया गया गया है। इसके बाद अब वह पूरी तरह से ठीक बताए जा रहे हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं। उनकी पहचान प्रख्यात विद्वान्, संस्कृताचार्य, रचनाकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु के तौर पर होती है। साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी उनके बड़े प्रसंसक हैं। भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता हैं।

Ashish Sinha

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