eye drops causing blindness आज कल डिजिटल और हाईटेक ज़माने में मोबाइल और कंप्यूटर में ही सारे काम हो रहे हैं। इसकी वजह से दिन भर लोगों को कंप्यूटर की तेज रौशनी में काम करना पड़ता है। नतीजा ये होता है कि कम उम्र से ही लोगों को चश्मे लगने लग जाते हैं और वे आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने लगते हैं। पूरी दुनिया में आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने वाले सैंकड़ों लोग हैं लेकिन इससे जुडी एक खबर सामने आई है जिसके बाद लोग आई ड्रॉप लगाने से भी घबराने लगे हैं।
भारत की फार्मा कंपनी ने अमेरिकी बाजार से अपनी आई ड्रॉप्स की खेप वापस मंगवा ली है। पिछले दिनों अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने लोगों से इस दवा की खरीद और इस्तेमाल को फौरन बंद करने की अपील की थी। CDC का दावा है कि आई ड्रॉप्स से एक खास इन्फेक्शन फैल रहा है। इससे अब तक 55 लोग पीड़ित हुए हैं। एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।
आई ड्रॉप्स का नाम एजरीकेयर आर्टिफिशियल टियर्स है। इसे चेन्नई की दवा कंपनी ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर बनाती है। फिलहाल, CDC दवा की बंद बोतलों की जांच कर रही है। दूसरी तरफ, कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि आई ड्रॉप्स के सभी लॉट को एक्सपायर होने से पहले वापस मंगाया गया है।








