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कॉलरी कर्मचारी फौजी तो नहीं पर फौजी से कम भी नहीं वे ग्लेशियर में लड़ाई लड़ते हैं हम पृथ्वी के गर्भ में घुसकर काम करते हैं

कॉलरी कर्मचारी फौजी तो नहीं पर फौजी से कम भी नहीं वे ग्लेशियर में लड़ाई लड़ते हैं हम पृथ्वी के गर्भ में घुसकर काम करते हैं

बिश्रामपुर क्षेत्र से प्रतिदिन 7000 टन से ज्यादा कोयला का उत्पादन पर कामगारों का उत्साह बढ़ाया महाप्रबंधक अमित सक्सेना

गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर -एसईसीएल का कर्मचारी फौजी से बेहतर नहीं तो कम भी नहीं है फौजी विशेष प्रशिक्षक से कड़े प्रशिक्षण लेते हैं जबकि प्रबंधन के श्रम वीर बिना प्रशिक्षण के प्रकृति के विरुद्ध पृथ्वी के गर्भ में प्रवेश कर 50 डिग्री तापमान में 24 घंटे खदान में काम करते है। खदान क्षेत्र में छोटी सी दुर्घटनाएं बहुत पीड़ा पहुंचाती है ।हमें सुरक्षा के साथ-साथ उत्पादन करने की संकल्पित होना चाहिए।

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उक्त उद्गार एसईसीएल बिश्रामपुर की उन्नति क्लब( ऑफीसर्स क्लब) क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ अमित सक्सेना ने मेरी सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी विषय पर आयोजित सेमिनार में जेबीसीसीआई के सदस्यों, विभाग प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहीं। महाप्रबंधक सक्सेना ने आगे कहा किअपनी सफलता पर फक्र करो असफलता का मूल्यांकन करो जज्बात से खदाने नहीं चलती है। टीम भावना के साथ काम करो सफलता अवश्य मिलेगी। विजन विश्रामपुर2023, 25, 26 सुरक्षा एवं जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्यों की ओर मुखातिब होते हुए होते कमहाप्रबंधक सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2023, 24,25 ,26 में हम सबको टीम भावना के साथ विश्रामपुर का स्वर्णमई काल को दोहराना है । एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र तीव्र गति से कोयला उत्पादन लक्ष्य की ओर अग्रसर हो चला है प्रति माह 7000 टन से ज्यादा कोयला का उत्पादन हमारी टीम भावना के कारण हो रहा है जिसके लिए हम सब को फक्र करना चाहिए। आपकी इस सफलता के लिए आपको हृदय से धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं। महाप्रबंधक ने कहा कि स्मा 2लाख टन कोयला उत्पादन करना है। नचिकेता मिशन को आगे लेकर चलना है। रेहर भूमिगत खदान नई तकनीक का उपयोग हो रहा है, गायत्री खदान में लगना है परंतु रूस यूक्रेन की युद्ध की वजह से नहीं लग पाया विलंब हो रहा है परंतु आने वाले समय में लगेगा। आमगांव खदान की 13 सौ करोड़ मुआवजा की राशि बन चुकी है 17 वर्ष के लिए समस्याबिहीन हो गया है। अमेरा पार्ट 2 खोलने की तैयारी चल रही है, बिनकारा प्रोजेक्ट प्रोसेस में है ।इस तरह बिश्रामपुर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है ।अब जरूरत है आपसीताल तालमेल टीम भावना के साथ सुरक्षा के साथ उत्पादन की ओर बढ़ने की । हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां लेनी होगी “माय सेफ्टी माय रिस्पांसिबिलिटी” लेनी होगी। महाप्रबंधक ने कहा आगामी 4 वर्षों में 1000 क्षेत्र से कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे ।हम उत्पादन के लिए नई तकनीक का सहयोग लेंगे। इस बैठक में जीसीसीआई सदस्य सुजीत सिंह, देवेंद्र मिश्रा, आरबी नेताम, एच ओ डी, क्रमश: डॉक्टर बी एम सिंह, आरके सैनी ,एमके राय, बीएन झा, आरएन पाठक, के सी नायक , कार्मिक प्रबंधक अनुपम दास,अमरेंद्र नारायण सहित क्षेत्र प्रबंधक संजय एम मिश्रा, अनिरुद्ध सिंह ,दिनेश कुमार मिश्रा, बीके गुप्ता , स्टाफ ऑफिसरएडम संजय झा, स्टाफ ऑफिसर सिवील यांगराज ,चीफ मैनेजर सिविल प्रवीण कुमार आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया ।मंच का संचालन क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी पार्थ चटर्जी ने किया सेमिनार समापन के पश्चात महाप्रबंधक ने जेसीसीआई सदस्यों की पृथक से बैठक ली।

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