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केन्द्रीय नोडल अधिकारी भू-संवर्धन ने जिले का भ्रमण कर कैच द रेन अभियान के तहत किए गए कार्यों का तीन दिवसीय निरीक्षण कर जानी हकीकत

केन्द्रीय नोडल अधिकारी भू-संवर्धन ने जिले का भ्रमण कर कैच द रेन अभियान के तहत किए गए कार्यों का तीन दिवसीय निरीक्षण कर जानी हकीकत

मानसून में अधिकाधिक वर्षा जल संग्रहण करने व सघन पौधारोपण करने पर दिया जोर

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बेमेतरा /जल शक्ति अभियान कैच द रेन के केन्द्रीय नोडल अधिकारी श्री सोनमणि बोरा जिले में चल रहे भूजल संवर्धन एवं संरक्षण के कार्यां की भौतिक स्थिति जानने के लिए जिले का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री शिवहरे ने बताया कि जिले में जल संसाधन के अंतर्गत 110 जलाशय, 42 व्यपवर्तन, 03 उ.सि.यों एवं 50 एनीकटों का निर्माण हुआ है। इन योजनाओं से 24850 हें में सिंचाई एवं भू-जल संवर्धन होता है। एनीकटों से किसानों द्वारा खरीफ में स्वयं के साधन से सिंचाई भी करते है एवं नदी के दोनो तरफ 1 से 150 किमी में भू-जल स्तर में वृद्धि होने से स्वयं के ट्यूबवेल, कुआ आदि रिचार्ज होते है। शिवनाथ नदी स्थित 14 एनीकटों पर ग्रीम ऋतु माह मई में लगभग 90 प्रतिशत जलभराव रहता है, एवं खम्हरिया एनीकट, अमोरा एनीकट एवं नांदघाट एनीकट से 155 ग्रामो को समूह पेयजल योजना द्वारा पानी दिया जाता है। जल जीवन मिशन अंतर्गत अन्य 04 एनीकटों से भी पेयजल हेतु पानी दिया जाना प्रस्तावित है।
नोडल अधिकारी एवं वैज्ञानिक द्वारा जिले में सतही जल संरक्षण एवं भू- जल संवर्धन के कार्यो की कार्य योजना पर चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममूलक प्रगति लाने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने जिले में किये गये कैच द रेन कार्यो की सराहना की। उन्होंने अमोरा के एनीकट में जलभराव व जल ठहराव के लिए किये गए उचित व्यवस्था को देखा एवं उसमे सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होने चेक डैम का सतत मॉनिटरिंग करने को कहा एवं बरसात के दिनों में वर्षा जल के साथ नदी के माध्यम से आने वाली लकड़ियों व कचरे फस जाते हैं इसकी भी नियमित साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बारिश के बाद चेक डैम पूरा भर जाता है, इससे क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होती है। एनीकट में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहने से फसलों की सिंचाई एवं मवेशियों के लिए भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहेगा। इस प्रकार जल का संग्रहण करने से क्षेत्र के आमजन, किसान लाभान्वित होंगे।
बोरा ने कहा कि जिले में ऐसे स्थानों का चिन्हांकन किया जाए जहां पर बारिश का पानी जिस जगह पर एकत्रित हो रहा है वहां पर डैम व टैंक बनाकर पानी को संग्रहित करें ताकि डैम के आस पास वाले खेती योग्य भूमि में खेती करने के बाद किसानों को भी आसानी से फसलों को सिंचाई करने के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और गर्मी के मौसम में जल स्तर भी बना रहेगा। चेक डैम के बनने से पानी के नीचे की ओर बहने की गति कम होने से मिट्टी का कटाव भी कम होगा। इससे मिट्टी भी ठोस बनी रहेगी।  
            केंद्रीय नोडल अधिकारी नें इसके पश्चात जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे हर घर नल हर घर जल योजना को देखने तेंदुआ नवागांव पहुंचे इस दौरान उन्होंने निवासी परदेशी राम के घर जाकर पाइप लाइन को देखा और ग्रामीणों से बात की और उचित पानी के व्यवस्था एवं होने वाली परेशानी से अवगत हुये। इसके पश्चात वे साजा क्षेत्र के सिंघौरी में स्थापित जल शोधन संयंत्र क्षमता समूह जल प्रदाय योजना को देखा और उसके प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने साजा क्षेत्र के नवकेशा ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर अंतर्गत निर्माण हुए तालाब का अवलोकन किया एवं किनारों पर पौधारोपण भी किया इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से तालाब का नामकरण करने व उसकी देखभाल करने के निर्देश दिए।

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