मछली उत्पादन में मुंगेर जल्द होगा आत्मनिर्भर

मुंगेर : मुंगेर जिले को मछली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला मत्स्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. वर्तमान में मुंगेर जिले को 12 टन प्रतिदिन मछली की आवश्यकता है. जबकि 9.1 टन उत्पादन किया जा रहा है. जरूरत पूरा करने के लिए बाहर से मछली मंगाई जा रही है. मछली उत्पादन बढ़ाने को लेकर 260 किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य मुंगेर जिले में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2022- 23 में 260 किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 60 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. प्रशिक्षित किसानों को मछली उत्पादन के लिए अनुदानित दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे किसान मछली उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन सके. 60 प्रतिशत मिलेगा अनुदान सेंट्रल स्कीम के तहत मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए खासकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभुकों को 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है, तो वहीं शेष 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार की ओर से निर्धारित है. सामान्य लोगों के लिए भी सरकार की ओर से 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान मछली उत्पादन के लिए दिया जा रहा है।बचत योजना के लिए मछुआरा करें आवेदन मुंगेर. राहत सह बचत योजना के तहत सरकार द्वारा वैसे मछुआरा जो गंगा नदी में मछली का शिकार करते हैं, और उन्हें 3 महीने, जून जुलाई और अगस्त में मछली मारने से मना कर दिया जाता है. उन्हें सरकार द्वारा उक्त योजना के तहत प्रति 3 महीने के लिये पंद्रह सौ रुपये दी जाती है. इसके लिए विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. अब तक 16 सौ मछुआरों ने आवेदन किया है. इस संबंध में मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार ने कहा कि जो मछुआरा अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वह जल्द से जल्द आवेदन कर दें, जिससे कि उन्हें योना का लाभ मिल सके।

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