मुख्यमंत्री बघेल ने संत कवि पवन दीवान के नाम से राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदाय करने की घोषणा की

रायपुर : मुख्यमंत्री बघेल ने संत कवि पवन दीवान के नाम से राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदाय करने की घोषणा की

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

राजधानी में आयोजित संत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ की माटी से संत कवि पवन दीवान का था गहरा लगाव

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित विप्र भवन में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित ‘संत कवि पवन दीवान’ श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सम्मान में संत कवि पवन दीवान के नाम से कविता लेखन के क्षेत्र में राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदाय करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। यह पुरस्कार आगामी राज्य अलंकरण समारोह से प्रतिवर्ष प्रदाय किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर साहित्य तथा कविता लेखन के क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के कवि तथा साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। इनमें पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे को विप्रकुल गौरव शिखर सम्मान-2023 से नवाजा गया। इसी तरह अरूण कुमार निगम को तथा श्री काशीपुरी कुन्दन को संत कवि पवन दीवान स्मृति अस्मिता सम्मान से पुरस्कृत किया गया। प्रत्येक को पुरस्कार स्वरूप 21-21 हजार रूपए की राशि और शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने इस मौके पर विप्र योग पत्रिका तथा विप्र महाविद्यालय के मासिक बुलेटिन का विमोचन भी किया।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत कवि पवन दीवान का छत्तीसगढ़ की माटी से गहरा लगाव था। इनके लेखन में समाज के तत्कालीन दशा का बहुत ही सुन्दर और सहज चित्रण मिलता है, जो हर वर्ग और हर समाज के लोगों की भावनाओं से जुड़ी होती थी। यह वजह है कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री दीवान जन-जन में काफी लोकप्रिय थे। उन्होंने कहा कि संत कवि श्री दीवान को याद करना हमारे पुरखों द्वारा देखे गए छत्तीसगढ़ के स्वप्न को याद करने के जैसा है। उनकी कविता में बार-बार छत्तीसगढ़ के माटी का उल्लेख हुआ है। वे कवि हृदय बहुत भावुक, बहुत अच्छे कथावाचक और पूर्णतः निःस्वार्थ व निश्छल मन के व्यक्ति थे। उन्होंने समाज के मौजूदा स्थितियों को बड़ी ही सहजता से अपनी रचनाओं में पिरोया।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं, वे हमारे पुरखों के छत्तीसगढ़ के लिए देखे गए सपना को पूरा कर रही है। आज विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का डंका देश और दुनिया में बज रहा है। यहां लागू की गई योजनाओं को अन्य राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है। उन्होंने अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में गरीब, मजदूर और व्यापारी तथा किसानों सहित सभी वर्ग के लोगों की स्थिति में काफी सुधार आया है। यहां धान बेचने वाले किसानों की संख्या और धान का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना बढ़ गया है।

कार्यक्रम को कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन राकेश चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, नरेन्द्र तिवारी, सुश्री विभा तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।